तस्वीर में: तहकीकात करते आरपीएफ और जीआरपी के जवान।
कानपुर. नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस ट्रेन में रविवार को कुछ यात्री आपस में झगड़ने लगे। इस कारण कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर उन्होंने जमकर हंगामा किया। आरपीएफ और जीआरपी के जवानों ने मौके पर पहुंचकर हंगामा कर रहे फर्जी आर्मी जवान बताने वाले एक शख्स को हिरासत में लिया। इस कारण स्टेशन पर ट्रेन घंटों रुकी रही। पूछताछ के दौरान हिरासत में लिए गए शख्स ने बाद में खुलासा किया कि वह आर्मी का जवान नहीं है।
एसटू बोगी में सफर कर रहे रमेश यादव के अनुसार वो नई दिल्ली से पटना जा रहे थे। उस बोगी में कुछ यात्री अपने आपको आर्मी का जवान बताकर दूसरे यात्रियों के साथ बदसलूकी कर रहे थे। इनके मुताबिक लोगों के समझाने और मनाने पर आर्मी के लोग मान गए। इस बीच कानपुर पहुंचने के पहले अचानक एक जवान और अन्य यात्री शंभू के बीच झगड़ा होने लगा।
बात बढ़ गई और तथाकथित आर्मी जवान ने मारपीट भी कर दी। इसको लेकर रमेश यादव और शंभू ने कानपुर सेंट्रल पर ट्रेन पहुंचते ही हंगामा शुरू कर दिया। उनको हंगामा करते देख उस बोगी के लगभग सारे यात्री स्टेशन पर उतर आए और नारेबाजी शुरू कर दी। इस बीच ट्रेन जब चली तो लोगों ने चेन पुलिंग कर दी। यात्रियों को हंगामा करता देख आर्मी के तथाकथित जवान ने पहले तो उनको धमकाने की कोशिश की। इस पर जब यात्री उग्र हो गए तब उसने अपने आप को टॉयलेट में बंद कर लिया।
उधर ट्रेन में हंगामे की सूचना पाकर आरपीएफ और जीआरपी के सिपाही मौके पर पहुंच गए और उस बोगी में घुसकर टॉयलेट में से उस जवान को बाहर निकाला। जब पुलिस ने उस आर्मी के जवान से आई कार्ड मांगी तो उस जवान ने पहले तो आईकार्ड खो जाने का बहाना बनाया। बाद में पुलिस की सख्ती के बाद उसने कहा कि वह कोई आर्मी का जवान नहीं, बल्कि वो नोएडा में एक निजी फॉर्म में काम करता है। जीआरपी ने उस शख्स को हिरासत में ले लिया और ट्रेन को आगे रवाना कर दिया।
आगे देखिए आरोपी को हिरासत में लेकर जाते जीआरपी के जवान...