फोटो: अस्पताल में भर्ती मरीज जितेंद्र और उसकी पत्नी।
कानपुर. कानपुर के उर्शला अस्पताल के सामने कानपुर पुलिस ने जमकर तांडव किया। पुलिस ने अस्पताल में भर्ती मरीज जितेंद्र के परिजनों को जबरन उठाकर कोतवाली थाने ले गई। इस घटना के बाद सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया। गुस्साए परिजनों ने सड़क पर ही जाम लगाकर घंटों प्रदर्शन किया।
कानपुर के उर्शला इमरजेंसी वार्ड में भर्ती जितेंद्र के परिजनों का आरोप है कि उसके मरीज का डॉक्टर ढंग से इलाज नहीं कर रहे थे। परिजनों का यह भी कहना था कि यह सब कुछ पुलिस के इशारों पर किया जा रहा था। इस बात से गुस्साए मरीज जितेंद्र के परिजनों ने उर्शला के सामने मुख्य सड़क पर जमकर प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों ने इस बात की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मरीज के परिजनों को जबरन उठा लिया और कोतवाली थाने ले आई।
बताते चलें, पुलिस द्वारा जबरन परिजनों को उठाए जाने के दौरान तीमारदारों और पुलिस के बीच जमकर झड़प हुई। दसससे सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
क्या है पूरा मामला
बीते 18 अक्टूबर को कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र के जनता नगर पुलिस चौकी के सामने स्थित भारतीय स्टेट बैंक में बदमाशो ने दिनदहाड़े करीब बारह बजे देशी बमों से हमला कर 60 हजार रुपए लूट लिए थे। इस बाबत पुलिस ने अपनी नाक बचाते हुए बीते 20 अक्टूबर को जितेंद्र (35) को इस लूट का आरोपी बनाकर हिरासत में लिया। इसके बाद आनन-फानन में बिना मीडिया के सामने लाए उसे बीते 27 अक्टूबर को जेल भेज दिया। इय क्रम में पुलिस के पास आज तक लूटे हुए नकदी और बरामद नहीं हुए हैं।
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