फोटो: पकड़े गए सॉल्वर से पूछताछ करते आईजी।
कानपुर. पुलिस ने बर्रा इलाके में छापा मारकर एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो बैंकिंग और सरकारी सेवाओं की भर्ती परीक्षाओं में हल किए हुए प्रश्न पत्र मुहैया कराता था। हालांकि, इस गिरोह के संचालक अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। वहीं, उन्हें पैसे देकर परीक्षा पास करने वाले पांच अभ्यर्थियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
कानपुर की कोचिंग मंडी में एक बार फिर सॉल्वर गिरोह के सक्रिय होने का खुलासा हुआ है। पुलिस को सूचना मिली थी कि यहां कुछ कोचिंग सेंटर्स और कोचिंग छात्रावासों में सॉल्वर अपने क्लाइंट तलाश कर रहे हैं। बर्रा इलाके में पुलिस ने छापा मारा तो उसके हाथ ऐसे कुछ छात्र लग गए जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने कानपुर आए थे और उनसे सॉल्वर गिरोह ने संपर्क साधा था। इनमें से कुछ छात्रों ने पिछले महीने बैंक और रेलवे की भर्ती परीक्षाओं के लिए इस गिरोह को पैसे भी दिए थे।
कक्ष निरीक्षक भी करते हैं मदद
दरअसल, स्टेट बैंक की परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की बायोमीटिक पहचान की जाती है। इसमें परीक्षार्थी के फोटो के साथ साथ उसकी उंगली और आखों के रेटीना का मिलान किया जाता है। इससे साल्वर द्वारा परीक्षा देने की कोई गुंजाइश नहीं रह जाती है, लेकिन गिरोह के पास इसका तोड़ होने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस को पता चला है कि गिरोह ने अपनी इतनी पकड़ बना रखी थी कि कक्ष निरीक्षक भी उनकी मदद करते थे। अभ्यर्थी के पास उसके प्रश्न पत्र के मुताबिक ही हल की हुई कॉपी पहुंच जाती थी।
दो लाख रुपए में तय होता है सौदा
साल्वर गिरोह की मदद लेने वाले अभ्यर्थियों ने खुलासा किया है कि उनसे लिखित परीक्षा से इंटरव्यू पास करने का सौदा दो लाख रुपए में तय किया गया था। वे इस रकम को एक बड़ा हिस्सा भुगतान कर चुके हैं। गिरोह के शिकंजे में आए छात्र उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों से ताल्लुक रखते हैं। इनमें से कइयों ने अपना कैरियर बनाने के लिये बड़ा कर्ज तक लिया हुआ था।
आगे पढ़िए मुखबिर से मिली थी सूचना...