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पुलिस की लापरवाही से डिलीट हुआ चोरी का सीसीटीवी फुटेज, दो भाइयों ने किया रिकवर

6 वर्ष पहले
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कानपुर. कानपुर के गोविंदनगर इलाके में रहने वाले यूपी के दो सगे भाइयों ने वो काम कर दिखाया है, जो पुलिस के हाईटेक कंट्रोलरूम के इंजीनियर भी नहीं कर पाएं। 10वीं और 12वीं के इन छात्रों ने पुलिस से डिलीट हुए सीसीटीवी फुटेज को कड़ी मेहनत के बाद रिकवर कर दिया है। बीते 29 जनवरी की रात को गुजैनी इलाके में स्थित राज ज्वेलर्स की दुकान में चोरों ने करीब आठ लाख रुपए के जेवर पर हाथ साफ कर दिया था। यह वारदात दुकान में लगी सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई थी, लेकिन पुलिस की लापरवाही के कारण यह फुटेज डिलीट हो गया था। ऐसे में इन दोनों भाइयों ने मेहनत और दिमाग के बल पर इसे सही कर दिया है।
गोविंदनगर इलाके में रहने वाले शैलेंद्र पांडेय इन दिनों अपने बेटों शशांक और कार्तिक को लेकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। वहीं, गुजैनी बाजार के कारोबारी दोनों भाइयों की ही चर्चा कर रहे हैं। शैलेंद्र की गुजैनी में कॉस्मेटिक की दुकान है। उनका बड़ा बेटा शशांक राधा कृष्णा मेमोरियल एजुकेशन सेंटर में 12वीं का छात्र है। वहीं, छोटा बेटा कार्तिक 10वीं का छात्र है। बीते 29 जनवरी को राज ज्वेलर्स की दुकान में चोरी होने और पुलिस द्वारा गलती से सीसीटीवी फुटेज डिलीट होने की बात पर उनके बेटों ने उसे रिकवर करने का दावा किया। पहले तो पुलिस ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। हालांकि बाद में उनकी जिद पर पुलिस ने दोनों को एक मौका दे दिया।
दो दिन के बाद रंग लाई मेहनत
शशांक के मुताबिक, चार फरवरी को उन्होंने सर्राफा कमेटी के अध्यक्ष अजीत गुप्ता से वह हार्डडिस्क ली, जिसमें चोरी का डाटा पड़ा हुआ था। इसके बाद दो दिनों तक उन्होंने दिन रात उस पर कड़ी मेहनत की। इसके लिए वे सुबह करीब तीन घंटे और शाम से रात 12 बजे तक इसी पर काम करते रहे। छह फरवरी को इनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने डिलीट हुआ डाटा रिकवर कर लिया। हालांकि, दोनों ने यह नहीं बताया है कि डिलीट हुए डाटा को रिकवर करने के लिए उन्होंने कौन सा सॉफ्टवेयर इस्तेमाल किया है।
फाइल करप्ट होने का था खतरा
शशांक ने बताया कि डाटा रिकवर होने के बाद फाइल डॉट एमपीजी में होने की वजह से प्ले नहीं हो रहा था। इसके बाद उन्होंने फाइल को डॉट एमपी-4 में कन्वर्ट किया। हालांकि, फाइल को कन्वर्ट करने में डाटा करप्ट होने का डर था। इसके बावजूद करीब तीन घंटे की मेहनत के बाद फाइल प्ले हो गई। उन्होंने तुरंत ही इसकी सूचना अपने पिता और अजीत गुप्ता को दी।
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