कानपुर. महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को रोकने के लिए कानपुर जिला प्रशासन ने मंगलवार को शक्ति दिवस का आयोजन किया था। वहीं, इसी कार्यक्रम में एक महिला जमीन पर बैठकर अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाती दिखी। सभी अधिकारी आराम से कुर्सी पर बैठे हुए थे, जबकि यह महिला जमीन पर बैठकर अपनी पीड़ा सुना रही थी। ऐसे में प्रशासन पर यही सवाल उठ रहा है कि आखिर यह कैसा शक्ति दिवस है, जहां महिलाओं का ही अपमान हो रहा है। डीएम रौशन जैकब ने इस कार्यक्रम की शुरूआत की थी। महीने में दो बार इसका आयोजन किया जाता है। यहां महिलाओं की शिकायतों का समाधान किया जाता है।
जानकारी के मुताबिक, यह कार्यक्रम महिलाओं की समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए आयोजित किया गया था। इस दौरान महिलाओं पर अत्याचार के करीब 50 मामले सामने आएं। इसमें दहेज उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद और छेड़छाड़ जैसे कई मामलों पर शिकायत भी दर्ज हुई। वहीं, समय से करीब तीन घंटे लेट पहुंची डीएम रौशन जैकब ने आधे घंटे के अंदर ही कार्यक्रम को खत्म करा दिया।
डीएम से तीन बार फरियाद कर चुकी है महिला
शक्ति दिवस में शामिल कई महिलाएं अपनी समस्याओं को लेकर डीएम से कई बार फरियाद लगा चुकी हैं। वहीं, एक महिला पिछले तीन बार से इस आयोजन में शिकायत दर्ज करा चुकी हैं। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती है। इसके अलावा पति-पत्नी के झगड़े भी सामने आएं हैं, जो एक-दूसरे के साथ नहीं रहना चाहते हैं। हालांकि, उन्हें अगली सुनवाई में आने को कहा गया है। वहीं, इस दौरान कई लोग अपने घर से किराएदारों को निकालने की गुहार लगाते भी नजर आएं।
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