तस्वीर में: बैंक में रखा शव और बैठे परिजन।
कानपुर. कानपुर के फीलखाना थानाक्षेत्र में मेघदूत चौराहे पर स्थित कोटक महिन्द्रा बैंक के अंदर सुनील का शव रखकर परिजनों ने खूब हंगामा किया। पुलिस और सिटी मजिस्ट्रेट के घंटों समझाने के बावजूद परिजन लाश उठाने को तैयार नहीं थे। करीब चार घंटे की मशक्कत बाद मुआवजा राशि और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिए जाने के आश्वासन के बाद परिजनों ने बैंक के अंदर से मृतक सुनील की लाश हटाई।
कानपुर के मेघदूत चौराहे पर मौजूद प्राइवेट बैंक कोटक महिंद्रा में काम करने वाले कर्मचारी सुनील शर्मा की सोमवार की शाम करीब साढ़े सात बजे रनियां कानपुर-देहात से लौटते हुए सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उसके बाद मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर बैंक के अंदर शव रखकर जमकर हंगामा किया। इस दौरान आक्रोशित भीड़ ने तोड़फोड़ के अलावा बैंक कर्मचारियों से हाथापाई भी की।
करीब आधा घंटा बवाल होने के बाद सूचना पाकर मौके पर मजिस्ट्रेट और फीलखाना थाने की फोर्स पहुंची। पुलिस ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर उत्तेजित भीड़ को शांत कराना चाहा तो परिजनों ने साफ कह दिया कि जब तक मुआवजे की राशि और मृतक की जगह पर नौकरी नहीं मिलेगी, तब तक वो लाश नहीं उठाएंगे।
ढाई साल से कोटक महिंद्रा बैंक में काम कर रहा था मृतक
मृतक सुनील शर्मा के बड़े भाई महेश शर्मा के अनुसार उसका भाई सुनील कोटक महिंद्रा बैंक में पिछले ढाई साल से काम कर रहा था। वह लोन विभाग में फील्ड ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे। उनकी तनख्वाह करीब बारह हजार रुपए थी। महेश के अनुसार उसके भाई को पिछले चार महीने से सेलरी भी नहीं दी गई थी। मोटर साइकिल नहीं होने की वजह से उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। इस वजह से उसे कन्वेंस के साथ-साथ पिछले चार महीने से सेलरी भी रोक दी गई थी।
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