कानपुर. भगवान राम के जन्म के साथ ही कानपुर के परेट ग्राउंड में रामलीला शुरू हो गई है। परेड ग्राउंड की रामलीला को यहां की सबसे मशहूर रामलीला माना जाता है। यहां 138 साल से रामलीला का मंचन होता रहा है। रात आठ बजे से ही दर्शकों की भीड़ लगने लगती है, खास बात यह है कि यहां पुरुष ही महिलाओं के किरदार को करते रहे हैं।
रामलीला की शुरूआत सोमवार को करीब 10 बजे रात नारद मुनि की आरती से हुई। इसके बाद लोगों को नारद ने खूब गुदगुदाया। कभी नारद मुनि भगवान विष्णु से जिरह करते, तो कभी भगवान शंकर से वार्तालाप। नारद मुनि की लीला ने दर्शकों को इस तरह बांध रखा था कि लोग अपनी जगह से हिले भी नहीं।
भगवान राम के जन्म का दृश्य देखने के लिए लोग घंटों इंतजार करते रहे। मां कौशल्या ने भगवान राम को जन्म दिया। इसके बाद वह उन्हें गोद में लेकर मंच पर आईं तो पूरा पांडाल जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। राम को प्यार दुलार करने के लिए माता कैकेई और सुमित्रा के बीच प्यार भरे नोकझोंक के दृश्य दर्शकों को आज के बिखरते समाज में सीख दे रहे थे।
कानपुर के परेड ग्राउंड में रामलीला की इस बार खासियत है कि महिला किरदार के लिए भी पुरुष पात्र का चयन किया गया है। कौशल्या, कैकेई और सुमित्रा सहित हर किरदार पुरुष ही कर रहे हैं। वृन्दावन से आए कलाकारों की एक्टिंग में ऐसा लगा जैसे परेड ग्राउंड अयोध्या हो गया हो।
आगे देखिए, कानपुर के परेड ग्राउंड में रामलीला मंच की अन्य तस्वीरें...