कानपुर/इटावा. 26 जनवरी को इटावा पुलिस लाइन में शिवपाल सिंह यादव मुख्य अतिथि के रूप में झंडा फहराने पहुंचे। झंडारोहण के बाद जैसे ही उन्होंने शांति प्रतीक कबूतर को हाथ में लेकर आकाश में छोड़ा। वह कबूतर आकाश में उड़ने के बजाय जमीन पर गिरा गया, उसकी मौत हो चुकी थी। यह समझना मुश्किल हो गया कि कबूतर मंत्री जी के हाथों में सौंपने से पहले मर गया था या जब उसे उड़ाया गया, वह तब मरा।
इस घटना के साथ ही कार्यक्रम में रस्म के नाम पर लाए गए थे कबूतरों की देखभाल पर सवाल खड़े हो गए। पुलिस लाइन में कबूतर के गिरते ही वहां मौजूद सभी अधिकारी हक्के-बक्के रह गए। जैसे ही वहां मौजूद एक कांस्टेबल ने कबूतर को देखा उसे तुरंत वहां से हटा दिया। इसके बाद शिवपाल भी पलभर को झेंपते नजर आए और वहां मौजूद व्यक्ति के हाथ से तिरंगे गुब्बारे लेकर आसमान में छोड़ा।
इसके बाद शिवपाल सैफई स्थित एसएन मेमोरिअल पब्लिक स्कूल के सांस्कृतिक कार्यक्रम में पहुंचे। वहां उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित किया और सरस्वती देवी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद शिवपाल की मौजूदगी में गणतंत्र दिवस के मौके पर अदनान सामी के गाए रोमांटिक गाने पर डांस हुआ।
इसमें भड़कीले कपड़े पहनीं डांसर्स ने डांस किया और लोग तालियां पीटते रहे। कुछ लोगों को तो यह समझना मुश्किल हो गया था कि वहां पर गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा था कि डांसर्स की अदाओं की नुमाइश की जा रही थी।
आगे देखें स्कूल में कैसे हुआ अदनान सामी के गानों पर डांस...