कानपुर. कानपुर के पुलिसलाइन में डीएम रोशन जैकब ने बीते शनिवार को शक्ति विशेष सुनवाई दिवस का आयोजन किया। इसमें कानपुर की उन महिलाओं को शामिल किया गया जो किसी ना किसी रूप से पीड़ित हैं। इस अदालत में परिवारवाद, दहेज़ पीड़ित और भूमि कब्जे के मामले को लेकर ज्यादा महिलाओं की भागीदारी दिखी। इस मौके पर डीएम के साथ एसएसपी कानपुर केएस इमैनुअल भी मौजूद थे।
महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध और थाने स्तर पर सुनवाई नहीं होने के कारण शनिवार को पुलिस लाइन में दो दिन का विशेष सुनवाई का कार्यक्रम आयोजित किया गया। डीएम के अनुसार, इस विशेष सुनवाई उन महिलाओं की तादाद सबसे ज्यादा रही जो किसी न किसी रूप से पीडि़त हैं। सुनवाई में वो महिलाए आई है ।जो किसी ना किसी रूप से पीड़ित है। संबंधित स्टालों पर जाकर महिलाओं ने अपनी समस्याएं सुनाईं। ऐसे में यदि किसी महिला की समस्या का निस्तरण नहीं हो पाया तो संबंधित थाने को इसके लिए आदेशित कर दिया गया।
डीएम के मुताबिक, विशेष सुनवाई में परिवारवाद को लेकर कुल 15 शिकायतें आईं। इस स्टाल को देख रही एक्क्षिक ब्यूरो की फाउंडर ऊषा यादव के अनुसार, नयी शादी-शुदा युवतियों का घर उनके मां बाप ही तोड़ रहे हैं। कई मां-बाप चौबीसों घंटे अपनी बेटी से
मोबाइल पर बात करते हैं। ऐसे में हर पल की जानकारी का लेन-देन होता रहता है। धीरे-धीरे हस्तक्षेप बढ़ता जाता है और कुछ समय बाद वह विवाद का रूप ले लेता है।
दहेज हत्या के स्टाल पर बैठे एक अधिकारी भुनेश के अनुसार, यहां कुल 15 मामले आए। इसमें सिर्फ एक समस्या का ही निपटारा हो पाया। इनके मुताबिक दहेज को लेकर आई ज्यादातर महिलाएं इस बात से परेशान थी कि, उनकी सुनवाई थाने स्तर पर नहीं होती है। कई महिलाएं ऐसी भी आयीं, जिनका एफआईआर हुए एक साल से ज्यादा हो गए हैं लेकिन कार्रवाई सिफर है। भूमि कब्जे को लेकर कुल 30 मामले आए। दरअसल, घर के ही सदस्य धोखे से एसी महिलाओं के जमीन और घर अपने नाम कर लिए हैं। एक पीडि़ता मोनिका के अनुसार, उसने सालभर पहले कानपुर के जूही इलाके में एक फ्लैट खरीदा था। इसके बाद भी उस फ्लैट पर सतीश नाम के व्यक्ति ने कब्जा कर लिया है। वह फ्लैट में ताला लगाकर कहीं चला गया है। ऐसे में डीएम ने तत्काल एसओ जूही को निर्देश दिया कि, मोनिका को तत्काल फ्लैट पर कब्जा दिलाया जाए।
फोटो: विशेष सुनवाई के दौरान महिलाओं की शिकायतों का निस्तारण करतीं डीएम रोशन जैकब।