फोटो: ट्रांसगंगा सिटी के शिलान्यास के मौके पर सीएम अखिलेश को गुलदस्ता भेंट करते हुए अतिथिगण।
कानपुर. यूपी के सबसे आधुनिक हाईटेक ट्रांसगंगा सिटी का शिलान्यास गुरूवार को सीएम अखिलेश यादव ने किया। करीब 1100 एकड़ में बनने वाली यह सिटी सीएम के ड्रीम प्रोजेक्टों में से एक है। यह सिटी पूरी तरह से यूरोपियन तकनीक पर आधारित है।
कानपुर और उन्नाव के बीच एनएच-91 और एनएच-58 के किनारे सपनों के इस शहर को बसाया गया है। इस प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार करने वाले स्टूडियो सिंबायोसिस आर्किटेक्ट्स से जुड़े अमित गुप्ता के अनुसार, इस सिटी की रूपरेखा करीब दो साल पहले सीएम ने तैयार कर ली थी। इस हाईटेक सिटी की रूपरेखा पूरी तरह से यूरोपियन तकनीक पर आधारित है। इसे चार जोन में बांटा गया है। इसमें इंडस्ट्रियल, रेजिडेंश्यिल, रेक्रिएशनल और कॉमर्शियल शामिल हैं।
ट्रांसगंगा सिटी में होगा शॉपिंग मॉल और फूड कोर्ट
इस ट्रांसगंगा सिटी का सबसे बड़ा आकर्षण ऑटो सेंटर होगा। यह पूरी तरह से ग्लोब्लाइज होगा। आधुनिकता से परिपूर्ण इस ऑटो सेंटर के एक लेन में केवल शोरूम होगा। दूसरे लेन में ऑटो एक्सपो, एक्जीविशन और लॉन्चिंग सेंटर होगा। इसके अलावा गंगा किनारे कॉमर्शियल जोन को बसाया जाएगा, जो कि अपने आप में अद्भुत होगा। इसमें शॉपिंग मॉल से लेकर आधुनिक होटल, बैंकेट हाल और फूड कोर्ट होगा। इधर, इंडस्ट्रियल जोन में इंडस्ट्री लगाने के लिए जरुरत के हिसाब से डेवेलप प्लॉट, लाइट वेट इंडस्ट्री के लिए जगह, वर्कशॉप और ऑफिस के लिए फ्लैटेड एरिया उपलब्ध होगा। इसके अलावा यहां आईटी पार्क, मॉल, इंटरनेशनल होटल और स्टॉक एक्सचेंज भी होगा। आधुनिकता से भरपूर आवासीय क्षेत्र में बाइक और कार से चलने वाले लोगों के साथ पैदल और साइकिल से चलने वालों का भी अलग पाथ होगा।
विकास के लिए ऐतिहासिक दिन
ट्रांसगंगा सिटी के शिलान्यास के मौके पर मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि ये उन्नाव के साथ-साथ राज्य के विकास के लिए ऐतिहासिक दिन है। इनके मुताबिक, गंगा के उस पार कानपुर की पहचान कभी औद्योगिक नगरी के रूप में की जाती थी। यहां कभी टेक्सटाइल उद्योग और लेदर उद्योग हुआ करते थे।
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