कानपुर. शहर के कृषि विश्वविद्यालय में सोमवार को यूपी में चमड़े के कारोबार को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। साथ ही कारोबारियों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखी। इस दौरान कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खादी ग्राम उद्योग की सीईओ नीरू श्रीवास्तव शामिल हुई। उन्होंने कहा कि मरे हुए जानवरों की जानकारी के लिए हर गांव में एक इनफॉर्मर रखा जाएगा। वहीं, सेमिनार में यूपी के खादी मंत्री नारद राय और सचिव रियाज अहमद शामिल नहीं हुए। ऐसे में सहकारी समितियों के पदाधिकारियों को काफी मायूसी हुई।
इस सेमीनार का मकसद खादी ग्राम उद्योग को आर्थिक रूप से मजबूत करना था। इस दौरान सेंट्रल लेदर रीजनल इंस्टीट्यूट (सीएलआरआई) के डायरेक्टर यूके शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि मरे हुए जानवरों का प्रोसेस जल्दी कर लेना चाहिए, नहीं तो उनके चमड़े खराब हो जाते हैं।
हर गांव में होना चाहिए इनफॉर्मर
गांव में मरने वाले जानवरों की जानकारी तुरंत मिल सके इसके लिए हर गांव में इनफॉर्मर रखना होगा। मरे हुए जानवरों को इकट्ठा करने के लिए पर्याप्त जगह भी सुनिश्चित करना होगा। इसके लिए समितियों या ग्राम पंचायत की जमीन भी इस्तेमाल की जा सकती है। वहीं, ब्वॉयलर से लेकर पशुओं के खाल उतारने के लिए मशीन लगानी होगी। इससे खाल को सावधानीपूर्वक रखा जा सकेगा। साथ ही मरे जानवर के हर पार्ट को इस्तेमाल किया जा सकेगा। हालांकि इसके लिए ट्रेनिंग की जरूरत होगी।
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