फोटोः मंगलवार को महिला के हॉर्ट के ऑपरेशन के बाद देख भाल करते हुए डॉक्टर।
कानपुर. दिल के ऑपरेशन को लेकर कानपुर कार्डियोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश वर्मा ने एक नई खोज कर दी है। उन्होंने एक महिला के दिल के वाल्व का प्रत्यारोपण मंगलवार को बिना धड़कन को रोक कर किया। यही नहीं, इस दौरान दो मरीजों के हार्ट में हुए सुराख का सफल ऑपरेशन भी किया गया है।
कानपुर हॉर्ट संस्थान के विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश वर्मा के अनुसार, इस कार्डियोलोजी में रोजाना 100 से भी ज्यादा दिल के मरीज इलाज कराने आते हैं। इसमें कई मरीजों के दिलों में सुराख होता है, तो कई मरीजों के वाल्व डैमेज होते हैं। ऐसे में रोजाना ये पांच मरीजों का ऑपरेशन करते है। अभी तक वह भी उसी पद्धति पर चलते हुए ऑपरेशन करते रहे थे, जिस पद्धति में देश-विदेश के डॉक्टर करते आए हैं।
डॉ. राकेश आगे कहते हैं कि वाल्व प्रत्यारोपण बहुत सावधानी से होता है। इसमें मरीज के हॉर्ट को हार्ट-लंग्स मशीन से जोड़कर पूरी तरह से रोक किया जाता है, लेकिन इस पद्धति में कई खामियां हैं, मसलन हॉर्ट के रुक जाने से उसकी मांसपेशियों की क्रिया में परिवर्तन होने से हॉर्ट पहले से कमजोर पड़ जाता है। इसमें ऑपरेशन के बाद कुछ भी हो सकता है।
ऐसे में पिछले 20 साल से इसी फिल्ड में काम कर रहे रहे डॉ. राकेश ने चार साल पहले कुछ नया करने की ठानी और इस प्रयास के बाद डॉ. राकेश वर्मा ने इंसान के हार्ट को बिना रोके, वह कर दिखाया, जिसे अभी तक देश के बड़े-बड़े हॉर्ट रोग संस्थान के अनुभवी डॉक्टर नहीं कर पाए हैं।
आगे पढ़िए, महिला के हॉर्ट के ऑपरेशन को लेकर क्या कहते हैं डॉ. राकेश वर्मा...