दबीवत. मैनपुरी में सरकार द्वारा प्रतिबंधित होने के बावजूद नशे के इंजेक्शन की खुलेआम बिक्री हो रही है। आंकड़ों के अनुसार, एक साल के अंदर इससे 70-80 युवाओं की मौत हो गई है। सूचना के बावजूद प्रशासन ने इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
मैनपुरी का पूरा क्षेत्र नशे की चपेट में आ गया है। पहले वहां लोग गांजा-अफीम जैसे नशे की सामग्री का सेवन करते थे, लेकिन बदलते समय वे नशीले इंजेक्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं। चरस, गांजा और अफीम जैसी नशीली सामग्रियों के बढ़ते दाम की वजह से वे दुकानों पर सस्ते दामों पर उपलब्ध इंजेक्शन जैसे, वीआई नॉरफिल और ल्यूपीजेसिक फोर्डविन का सेवन कर रहे हैं।
एक डोज की कीमत 50-60 रुपए
क्षेत्र के ज्यादातर मेडिकल दुकानों पर पिछले कुछ महीनों से नशीले सामानों की बिक्री बढ़ गई है। इसके एक डोज की कीमत 50-60 रुपए होती है। इसे दिन में तीन बार लगाया जाता है।
खून बन जाता है पानी
डॉ.
पीके मांगलिक ने इस बारे में बताया कि ये इंजेक्शन बहुत ही खतरनाक होते हैं। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से नशे के लिए किया जाता है। इससे कुछ दिनों बाद बॉडी के नश डैमेज हो जाते हैं साथ ही खून पानी बन जाता है। बाद में युवक की मौत हो जाती है।
फोटो: इंजेक्शन लेता युवक।