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सीएम हाउस के पास नाले में मिला 12वी की छात्रा का शव, 5 दिन से थी लापता

5 वर्ष पहले
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लखनऊ. राजधानी में सोमवार को सीएम हाउस से 500 मीटर दूर नाले से 12वीं की छात्रा की लाश मिलने के मामले में मंगलवार को सदन में जमकर हंगामा हुआ। लॉ एंड ऑर्डर के मुद्दे पर बीएसपी और कांग्रेस सदन से वॉक आउट कर गई, जबकि बीजेपी ने वेल में आकर हंगामा किया।
दो लोग हिरासत में, एसटीएफ जांच के आदेश
- पांच दिन से लापता रही लड़की के मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया। सीएम ने मामले की एसटीएफ से जांच के आदेश दिए हैं।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट से जुड़े सूत्रों की मानें, तो लड़की की मौत प्राइवेट पार्ट में एक्सेस ब्लीडिंग की वजह से हुई थी। इससे जाहिर होता है कि लड़की के साथ रेप हुआ था।
- उसके गले पर बने रस्सी के निशान और सिर के पास लगी चोट के निशान मौत के बाद के हैं।
प्रैक्टिकल एग्जाम के लिए निकली थी घर से...
- जानकीपुरम की रहने वाली प्रगति वर्मा (बदला हुआ नाम) इंदिरा नगर के आरएलबी स्कूल की छात्रा थी।
- बुधवार को वह केमेस्ट्री का प्रैक्टिकल एग्जाम देने के लिए घर से निकली थी। इसके बाद वो लापता हो गई थी। बताया जा रहा है कि वह स्कूल नहीं पहुंची थी।
- फैमिली ने काफी खोज-बीन के बाद जानकीपुरम थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
- सोमवार सुबह हजरतगंज में पार्क रोड के जंगल में नाले से उसकी लाश मिली थी।
अखिलेश ने डीजीपी से कहा- एसटीएफ से कराएं जांच
- सीएम अखिलेश ने डीजीपी जावीद अहमद को अपने सुपरविजन में इस मामले की जांच एसटीएफ से कराने का कहा है।
- ट्विटर पर दिए गए इस इंस्ट्रक्शन में अखिलेश ने कहा, "जल्द से जल्द इस मामले का खुलासा करवाएं। आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करें।"
- एसटीएफ से जांच करवाने के सीएम के इस इंस्ट्रक्शन को यूपी पुलिस की नाकामी के रूप में देखा जा रहा है।
- एडीजी लॉ एंड ऑर्डर, आईजी जोन लखनऊ अधिकारी पीड़िता के घर पहुंचे और मामले की जानकारी ली।
- उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष राम आसरे विश्वकर्मा ने भी मामले में तुरंत कार्रवाई की मांग की है।
पेड़ से बंधे मिले थे हाथ
- बताया जा रहा है कि जब पुलिस मौके पर पहुंची तो प्रगति के हाथ पेड़ से बंधे थे। कपड़े फटे थे।
- पहली नजर में पुलिस इसे रेप के बाद मर्डर का केस मान रही है।
- डॉग स्क्वॉयड और फोरेंसिक एक्सपर्ट ने मौके से कई सैम्पल लिए हैं।
मॉडर्न कंट्रोल रूम के कैमरे में कैद हुई छात्रा
-10 फरवरी को छात्रा मॉडर्न कंट्रोल रूम के कैमरे में कैद हुई है।
- छात्रा को 41 मिनट के वीडियो में 4-5 बार साइकिल पर देखा गया है।
-10 फरवरी की सुबह 8:10 बजे सबसे पहले वह टेढ़ीपुलिया में देखी गई।
- इसके बाद कपूरथला चौराहे, आईटी चौराहे, गोल्फ़ क्लब चौराहे सहित कई जगह दिखी थी।
- सुबह 8:51 पर सीसीटीवी में पार्क रोड पर आखिरी बार उसे देखा गया।

कब-कब चला वाट्सऐप?

-सूत्रों की मानें, तो छात्रा के साथ हुई दरिंदगी से पहले करीब सुबह 9 बजे उसने फ़ोन में ‘BHAIYA’ के नाम से सेव नंबर पर वाट्सऐप चैटिंग की थी।
- सुबह 9 बजे के करीब ही मोबाइल फ़ोन स्विच ऑफ हो गया। सीडीआर रिपोर्ट की मानें, तो 10 फरवरी को मृतका के मोबाइल का डाटा दोबारा से रात 9 बजे के करीब एक्सेस हुआ।
-पुलिस का मानना है की जब रिक्शा चालकों ने उसका फ़ोन उठाया होगा, तो उसे स्विच ऑफ़ कर दिया होगा।
- रात को फोन को चेक करने के लिए फोन जैसे ही खोला गया, उसका डाटा एक्सेस हो गया। इसकी वजह से फोन के रात में एक्सेस होने और लोकेशन पार्क रोड दिखने की बात सामने आ रही है।
रिक्शेवाले के पास मिला छात्रा का मोबाइल
- सूत्रों के मुताबिक, सर्विलांस पर स्टूडेंट के मोबाइल पर लास्ट लोकेशन हैदरगढ़, बाराबंकी मिली थी। लोकेशन ट्रेस करते हुए पुलिस रिक्शेवाले सुरेंद्र तक पहुंची।
- पुलिस के मुताबिक, 11 फरवरी की सुबह रिक्शेवाले ने जंगल में लाश देखी थी। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह लाश के पास से मोबाइल और लड़की का ब्लेजर उठा ले गया था।
- डर के कारण उसने पुलिस को लाश की जानकारी नहीं दी।
- एसएसपी राजेश पांडेय ने बताया कि सर्विलांस के बेसिस पर एक रिक्शेवाले को आइडेंटिफाई किया गया। उसकी निशानदेही पर लाश बरामद हुई।
नहीं मिली साइकिल और स्कूल बैग
- सीसीटीवी फुटेज में भी आखिरी बार छात्रा साइकिल से जाते हुए दिखी थी। लेकिन, घटनास्थल से साइकिल और स्कूल बैग नहीं मिला है। पुलिस दोनों चीजों की तलाश में जुटी है।

आरोपी बार-बार बदल रहे हैं बयान
- एसएसपी राजेश पांडेय का कहना है कि हिरासत में लिए गए दोनों व्यक्ति लगातार अपने बयान बदल रहे हैं।
- पहले तो उन्होंने लाश को फंदे से उतार कर उसे नाले में फेंकने की बात बताई। फिर उसे झाड़ियों में फेंकना बताया।
- यही वजह है कि पुलिस इन दोनों से लगातार पूछताछ कर रही है।
सामाजिक संगठन सड़क पर उतरे
- मामले में सामाजिक संगठन भी सड़क पर उतर आए हैं और महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।
- इसके अलावा पुलिस पर लापरवाही बरतते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।
- प्रदर्शन की अगुवाई कर रहीं मधु गर्ग ने बताया कि जब सीएम की दहलीज पर बेटियां सुरक्षित नहीं हैं तो प्रदेश के कोने-कोने में उनकी क्या हालत होगी।
- वहीं, आम आदमी पार्टी के नेताओं ने मंगलवार को जीपीओ पर प्रदर्शन करने के बाद डीएम को ज्ञापन सौपने की कोशिश की, लेकिन पुलिसफोर्स ने उन्हें आगे नही बढ़ने दिया।
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