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डाउनलोड करेंलखनऊ, यूपी। उन्नाव गैंग रेप मामले में CBI ने शुक्रवार तड़के आरोपी भाजपा MLA कुलदीप सिंह सेंगर को उनके लखनऊ स्थित पुश्तैनी घर से हिरासत में लिया। बावजूद इसके विधायक के चेहरे पर सिकन तक नहीं दिखाई दी। इससे पहले उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए सारा दोष मीडिया पर मढ़ दिया। उधर, पीड़िता अब भी डरी हुई है। जानें पूरा मामला...
-जांच एजेंसी ने इस मामले में 3 एफआईआर दर्ज की हैं। पीड़िता ने सेंगर के खिलाफ पहली शिकायत पिछले साल 4 जून को की थी। उसके 10 महीने बाद अब आरोपी विधायक को हिरासत में लिया गया है। इससे पहले गुरुवार को सेंगर के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर ली थी, लेकिन सबूत नहीं होने की बात कहते हुए गिरफ्तारी से इनकार कर दिया था। उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि ऐसे मामलों में सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है।
-कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ धारा 363, 366, 376, 506 और पॉस्को एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया।
क्या है पूरा मामला
-मामला पिछले साल 4 जून का है। 17 साल की किशोरी की मां ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत कुछ लोगों के खिलाफ रेप की शिकायत की थी।
-3 अप्रैल को विधायक के भाई अतुल ने मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया।
-8 अप्रैल रविवार को पीड़िता ने परिवार समेत मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया था।।
-9 अप्रैल को पीड़िता के पिता की उन्नाव जेल में मौत हो गई। महिला ने उन्नाव में परिवार के खिलाफ कई झूठे मुकदमे दर्ज कराए जाने का भी आरोप लगाया था।
-मामले में माखी थाने के एसओ समेत 6 कॉन्स्टेबल पहले ही सस्पेंड किए जा चुके हैं।
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