लखनऊ. पीएम मोदी की 'सांसद आदर्श ग्राम योजना' से बॉलीवुड स्टार
आमिर खान काफी प्रेरित हुए हैं। उन्होंने अपने पुश्तैनी गांव शाहाबाद को गोद लेने की बात कही है। यह बात उन्होंने अपनी फिल्म '
पीके' के प्रमोशन के लिए काशी पहुंचने पर कही। उनका पुश्तैनी गांव हरदोई से 40 किलोमीटर दूर शाहाबाद कस्बे में हैं। यहां अख्तियारपुर में आमिर का पुश्तैनी मकान है जोकि अब लगभग खंडहर हो चुका है। बीते रविवार को उनके इस एलान के बाद गांव में खुशी का माहौल है।
यूपी के हरदोई जिले से 40 किलोमीटर दूर अख्तियारपुर मोहल्ला शाहाबाद नगरपालिका का हिस्सा है। यह नगरपालिका के वार्ड नंबर दो दिलावरपुर का हिस्सा है। इस वार्ड में अख्तियारपुर के अलावा इनायतपुर, तकिया और दिलवारनगर मोहल्ले आते हैं। अख्तियारपुर मोहल्ले में ही हिंदी फिल्मों के अभिनेता
आमिर खान का परिवार रहता है। करीब 3500 आबादी वाले इस वार्ड में अख्तियारपुर मोहल्ला ही सबसे पिछड़ा और आर्थिक रूप से कमजोर है। इसकी आबादी करीब आठ सौ है। ज्यादातर लोग इसमें अनुसूचित जाति और रोज की मजदूरी करने वाले ही रहते है।
नईम खान जो आमिर खान के रिश्तेदार भी लगते है। वह बताते हैं कि आमिर के पुश्तैनी घर की हालत बहुत खराब है। करीब दो बीघे में बना चहारदीवारी सहित यह मकान जर्जर हो गया है। यहां खेत और बाग मिलकर करीब इनकी सवा सौ बीघे जमीन है। इसे 2009 में आमिर और उनके परिवार ने आमिर की बहन निकहत खान ट्रस्ट के नाम पर कर दी थी। इसी समय आमिर और उनके भाई फैजल के नाम करीब सात-सात बीघे जमीन की रजिस्ट्री उनके मुख्तार आम के जरिए की गई थी।
आमिर के दादा जाफर हुसैन खां के तीन बेटे बाकर हुसैन खां, नासिर हुसैन खां और ताहिर हुसैन खां इसी जगह एक साथ रहते थे। पचास के दशक में नासिर हुसैन मुंबई चले गए और कामयाब निर्माता-निर्देशक बन गए। इससे पहले नासिर हुसैन शाहाबाद नगरपालिका में काफी समय तक सेक्रेट्री भी रहे। यहां से जाने के बाद उन्होंने ताहिर हुसैन को अपने पास बुला लिया। वहीं, आमिर और फैजल पैदा हुए।
आगे पढ़िए, जर्जर हालात में हैं आमिर का पुश्तैनी मकान...