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अब रोडवेज बसों में मुफ्त सफर कर सकेंगे एड्स पीड़ि‍त

6 वर्ष पहले
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लखनऊ. हर रोज 25 लाख यात्रियों को अपने गंतव्‍य तक पहुंचाने वाली उत्‍तर प्रदेश राज्‍य सड़क परिवहन निगम अब एड्स पीड़ितों को साधारण बसों में मुफ्त सफर की सुविधा उपलब्‍ध कराएगी। पीड़ितों को स्‍मार्ट कार्ड उपलब्‍ध कराए जाएंगे। इसके जरिए यात्री 100 किलोमीटर का सफर बिना रुपए चुकाए कर सकेगा। निगम ने इसके लिए कार्रवाई भी शुरू कर दी है।

इलाज के लिए एक शहर से दूसरे शहर जाने वाले एड्स के मरीज यूपी रोडवेज की साधारण बसों में मुफ्त सफर कर सकेंगे। इसके लिए इन्हें यात्री पास (स्मार्ट कार्ड) दिए जाएंगे, जिससे एक बार में 100 किलोमीटर का सफर करने की सुविधा मिलेगी। प्रदेश में करीब 70 हजार एड्स मरीजों में से 30 हजार हर महीने और करीब 40 हजार हर छह माह पर कस्बे और गांवों से चेकअप कराने शहर आते हैं। इसी चेकअप पर होने वाले खर्च को कम कर निगम और यूपी एड्स सोसाइटी संयुक्‍त पहल कर रहा है। इन मरीजों का किराया माफ करने के एवज में सोसाइटी रोडवेज को सालाना 4.25 करोड़ रुपए चुकाएगी। यूपी एड्स सोसाइटी के आग्रह पर परिवहन निगम ने स्मार्ट कार्ड बनाने और इस पर आने वाले खर्च का ब्यौरा भेजा था। इसके बाद सोसाइटी ने निगम को स्मार्ट कार्ड बनाने की सहमति दे दी है।

दो तरह के होंगे स्‍मार्ट कार्ड

परिवहन निगम एड्स मरीजों के लिए दो प्रकार के स्मार्ट कार्ड बनाएगा। पहला हर महीने उपचार कराने वाले मरीजों के लिए और दूसरा उनके लिए जो हर महीने चेकअप कराने आते हैं। मरीजों को नए वित्तीय वर्ष 2015-16 के अप्रैल से मुफ्त सफर की सुविधा मिलने लगेगी। ये स्मार्ट कार्ड एसबीआई के होंगे, जिनको टॉपअप कराया जा सकेगा। परिवहन निगम की ओर से एड्स मरीजों को जारी किए जाने वाले स्मार्ट कार्ड पर यूपी एड्स सोसाइटी का लोगों बना होगा। जो मरीज हर महीने चेकअप कराते हैं, उनके स्मार्ट कार्ड पर 1,200 किलोमीटर और जो मरीज छह महीने पर चेकअप कराते हैं उनके स्मार्ट कार्ड पर 200 किलोमीटर तक मुफ्त सफर की सुविधा मिलेगी। दोनों स्मार्ट कार्ड के रंग अलग-अलग होंगे।

इस कवायत को समय से शुरू करने के लिए यूपी एड्स सोसाइटी मार्च के पहले हफ्ते में परिवहन निगम को मरीजों की सूची मुहैया करा देगी। साथ ही किराए का प्रावधान भी वित्तीय वर्ष 2015-16 के बजट में ही करा देगी। ऐसे में निगम को किराए की भरपाई के लिए सोसाइटी कार्यालय के चक्कर भी नहीं लगाने होंगे। निगम के प्रबंध निदेशक मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि सोसाइटी से सूची मिलते ही स्‍मार्ट कार्ड बनवाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि इस तरह की पहल से एड्स पीड़ितों को काफी राहत भी मिलेगी।
प्रतीकात्‍मक फोटो।