तस्वीर में: आइसा के स्टूडेंट्स मार्च निकालते हुए।
लखनऊ. ऑलइंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के बैनर तले सैकड़ो स्टूडेंट्स ने यौन हिंसा और लैंगिक भेदभाव के खिलाफ महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आजादी के लिए राज्य स्तरीय मार्च निकाला। यह मार्च लखनऊ विश्वविद्यालय से परिवर्तन चौक होते हुए विधानसभा तक निकाला गया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंप कर जीपीओ पार्क पर सभा की।
बताते चलें कि शनिवार को लखनऊ, इलाहाबाद, बनारस, सीतापुर, जालौन, मथुरा और बरेली सहित कई जिलों से सैकड़ों स्टूडेंट्स ने आइसा के बैनर तले अपनी मांगों का लेकर विधानसभा के सामने से मार्च निकाला। आइसा की प्रदेश उपाध्यक्ष अर्चना बौद्ध ने कहा की भारत में महिलाओं की स्थिति गंभीर है।
कश्मीर से लेकर मणिपुर असम तक सेना, पुलिस और जनप्रतिनिधिओं द्वारा और न्यायपालिका के रक्षकों के राज में भी महिलाएं खुद को सुरक्षित नहीं पा रही हैं।
साथ ही महिला पुलिसकर्मियों की भी सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है।
प्रदेश सरकार ने वादों के नाम पर दिया धोखा
आइसा के प्रदेश अध्यक्ष सुधांशु बाजपई ने कहा कि छात्रों, नौजवानों को बेहतर शिक्षा और रोजगार देने के लुभावने वादे से पीछे हट रही है। छात्र संघ का वादा करने के बावजूद लखनऊ विश्वविद्यालय सहित राज्य के तमाम कॉलेजों और महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव नहीं कराया गया। साथ ही साथ कई लोक लुभावने वादों पर लीपापोती कर अखिलेश सरकार छात्रों, नौजवानों के धोखा दिया है।
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