लखनऊ. बुधवार को सीएम अखिलेश यादव ने अपने सरकारी आवास में प्रेस क्रॉन्फेंस की। इसमें उन्होंने साल 2015-16 के लिए यूपी के विकास का एजेंडा पेश किया। इसके तहत इस साल 75 हजार जनोपयोगी रिक्तियों को भरा जाएगा। सीएम ने इस मौके पर कृषि, उद्योग, आईटी, टूरिज्म, ऊर्जा, मानव संसाधन, शिक्षा. मेडिकल फैसिलिटी, सामाजिक सुरक्षा और श्रम, ग्राम्य विकास, नगर विकास आदि मुद्दों पर अहम चर्चा की। साथ ही उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियों के बारे में भी बताया।
सीएम ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि एजेंडे के मुख्य उद्देश्य पूरे प्रदेश में सभी वर्गों का विकास करना है। विकास की योजनाओं और कार्यक्रमों को प्रभावी तरीकें से लागू करने के लिए नई तकनीक का प्रयोग होगा। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि विकास एजेंडे से समाज के सभी वर्गों और व्यक्तियों को लाभ मिलेगा। सीएम अखिलेश ने बताया कि पहली बार विकास के एजेंडे को तैयार करने के पब्लिक से मिली सलाह को अमल में लाया गया
यूपीडीपीएल का होगा मॉर्डनाइजेशन
विकास एजेंडे को लेकर मुख्य सचिव आलोक रंजन ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गरीबों को मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराने के लिए यूपीडीपीएल का मॉर्डनाइजेशन होगा। 25 अन्य जिलों में वृद्ध आवास और राज्य सरकार के सभी कार्यालय डिसेबल्ड फ्रेंडली होंगे। इसके साथ ही किसानों के लिए ऐसे बीजों का विकास होगा, जिससे उत्पादन बढ़ेगा। इसके अलावा ग्राम्य विकास अधिकारियों को अपने कार्य में कुशलता लाने के लिए टैबलेट दिए जाएंगे। वहीं, इस बार कानपुर के एचबीटीआई को यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया जाएगा।
आधुनिक बनेगा रजिस्ट्री मॉडल
आलोक रंजन ने बताया कि रजिस्ट्री मॉडल को पीपीपी मॉडल के आधार पर आधुनिक बनाया जाएगा। सेंट्रल ग्रीवांस रेड्रेसल कॉल सेंटर की स्थापना की जाएगी। मुख्य सचिव ने बताया कि इस साल विकास एजेंडे में 165 मुद्दों को शामिल किया गया है। इसमें 95 मुद्दे पिछले साल के थे, जबकि बाकी इसी साल के हैं। इस विकास एजेंडे को बजट में भी शामिल किया गया है, ताकि इसके लिए धन की व्यवस्था हो सके।
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