फोटो: रोड सेफ्टी पॉलिसी कार्यक्रम में एक बच्चे को किट देते सीएम अखिलेश यादव (बाएं) ।
लखनऊ. 'विदेशों में ट्रैफिक अनुशासन से चलता है। भारत में ट्रैफिक के नियमों का पालन नहीं होता। हम आजादी मिलने के बाद हर क्षेत्र में खुद को आजाद मानने लगे हैं। सड़कों पर बेतरतीब तरीके से गाड़ी चलाते हैं। स्टंट बाइकर्स अपनी बाइक को एक पहिए पर न चलाएं। यदि वे ऐसा करना नहीं छोड़ेंगे, तो उनकी अब खैर नहीं। यूपी सरकार ऐसे सिरफिरों का इलाज करेगी'। सोमवार को यह बातें सीएम अखिलेश यादव ने कहीं। वह स्टेट रोड सेफ्टी पॉलिसी कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम में सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि स्टंट के चक्कर में आजकल युवा अपनी बाइक एक पहिए पर चलाते हैं। जरा से एडवेंचर के लिए वे एक्सीडेंट का शिकार हो जाते हैं। इनपर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जानी चाहिए। स्टंट बाइकर्स से बेहद सख्ती से पेश आना चाहिए। रोड सेफ्टी पॉलिसी को लागू करना आज की मांग है। इस मौके पर सीएम ने सड़क हादसों में कमी लाने के लिए लोगों का सहयोग मांगा।
सेफ्टी पॉलिसी लागू करने वाला यूपी पहला राज्य
यूपी देश का ऐसा पहला राज्य है, जहां रोड सेफ्टी पॉलिसी लागू की गई है। इसकी घोषणा सीएम अखिलेश यादव ने सेमिनार में की। इस अवसर पर उनके साथ मधुकर जेटली, परिवहन मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव और न्यूजीलैंड के एम्बेसडर समेत पुलिस के आला अधिकारी मौजूद थे। एक अनुमान के मुताबिक, यूपी में सड़क हादसों से रोजाना 300 लोगों की मौत हो जाती है। सड़क हादसों के मामलों में पूरे देश में यूपी छठे नंबर पर आता है।
न्यूजीलैंड पुलिस के साथ मिलकर शुरू की हाइवे पुलिसिंग
यूपी ने न्यूजीलैंड पुलिस के साथ मिलकर हाइवे पुलिसिंग की शुरुआत की है। यही नहीं, सड़क हादसे में घायल लोगों के लिए 108 एंबुलेंस के साथ रोड सेफ्टी को पूरी तरह से लागू किया जा रहा है। अखिलेश यादव के मुताबिक, बदलते समय के हिसाब से यूपी रोड सेफ्टी नीति बेहद जरूरी था।
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