लखनऊ. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मानव संसाधन विकास मंत्री (एचआरडी) स्मृति ईरानी को पत्र लिखा है। इसमें मुख्यमंत्री ने डिग्री कॉलेजों से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों में संसाधनों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा है। सीएम ने लिखा है कि राष्ट्रीय मू्ल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय प्रदेश में स्थापित किए जाएं। नैशनल असेसमेंट एंड एक्रीडिटेशन काउंसिल (नैक) के कार्यालय बैंगलोर में स्थापित होने से राष्ट्रीय स्तर पर जरूरी काम नहीं हो पा रहे हैं।
यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) के उच्च शिक्षण संस्थानों को नैक से मू्ल्यांकन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसको लेकर यूजीसी ने पहले ही स्पष्ट कर रखा है कि मू्ल्यांकन में खामी पाए जाने वाले शिक्षण संस्थानों को कोई भी अनुदान नहीं दिया जाएगा। यूजीसी के इस आदेश के बाद प्रदेश में डिग्री कॉलेजों से लेकर यूनिवर्सिटी में नैक से मू्ल्यांकन कराने के प्रयास तेज कर दिया गए हैं।
इसको देखते हुए सीएम अखिलेश यादव ने एमएचआरडी मिनिस्टर को पत्र लिख कर क्षेत्रीय कार्यालय यूपी में स्थापित करने की मांग की है। पत्र में सीएम ने कहा है कि दूरी की वजह से जरूरी कार्य तेजी से नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में राष्ट्रीय स्तर के मानकों का पालन नहीं हो पा रहा है।
380 शिक्षण संस्थाएं ही प्रदेश में मूल्यांकित
प्रदेश में स्थापित 4250 शासकीय, अशासकीय और निजी कॉलेज संचालित हैं। इनमें से महज 380 ही नैक से मूल्यांकित हैं। इनमें तीन स्टेट यूनिवर्सिटी, 29 राजकीय डिग्री कॉलेज, 105 अशासकीय अनुदानित डिग्री कॉलेज और 243 निजी कॉलेज मूल्यांकित हो चुके हैं। बाकी के मू्ल्यांकन को लेकर उच्च शिक्षा विभाग प्रयासरत हैं।
फाइल फोटोः केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी।