लखनऊ. आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने राजनीति के अपराधीकरण पर एक बार फिर चोट किया है। उन्होंने यूपी के असेंबली में अपराधी विधायकों की संख्या पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि सारे अपराधी विधायक मिलकर दल बना लें तो वे बहुमत की सरकार बना सकते हैं।
आम आदमी पार्टी की आगामी लोकसभा चुनावों की तैयारियों के बारे में बताते हुए 'आप' नेता संजय सिंह ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति का राष्ट्र के नाम संदेश वाकई देश की राजनैतिक पार्टियों को आईना दिखाने वाला था। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को कोई हक नहीं है कि वह आम जनता को सब्जबाग दिखाए और झूठे वायदे करे। उन्होंने कहा कि जिस तरह राजनीति का अपराधीकरण हुआ है, वह बहुत ही चिंता का विषय है। अकेले लोकसभा में 162 सांसदों के ऊपर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि इनमें से 73 पर गंभीर आरोप हैं।
गौरतलब है कि यूपी असेंबली में 189 विधायकों ने अपने नामांकन में बताया था कि उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। संजय सिंह का कहना है कि ऐसे में ये आपराधिक इतिहास वाले विधायक अगर अलग दल बना लें तो बहुमत की सरकार बना सकते हैं।
उन्होंने इस स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह आम जनता के साथ छलावा है। संजय सिंह ने कहा कि ऐसे में जनता के सामने आम आदमी पार्टी ही एकमात्र ईमानदार विकल्प है। उन्होंने हालिया सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि देश के 18 फीसदी लोग आम आदमी पार्टी के पक्ष में हैं। उन्होंने बीजेपी और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि ये दोनों ही पार्टियां भ्रष्टाचार के मामले में एक हो जाती हैं।
कांग्रेस में कलमाडी हैं तो बीजेपी में येदियुरप्पा हैं। येदियुरप्पा को बीजेपी ने विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी से निष्काषित किया था, अब उन्हीं की पार्टी का बीजेपी में विलय कर लिया गया है। इससे बीजेपी का असली चेहरा जनता के सामने उजागर हो गया है। उन्होंने
नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि क्या कारण है कि सुशासन का दावा करने वाले नरेंद्र मोदी बाबूलाल और पुरुषोत्तम सोलंकी अदालत से साबित हो चुके मंत्रियों को अभी भी मंत्रिमंडल में बनाए हुए हैं। उन्होंने सपा और बीजेपी पर आरोप लगाया कि यह दोनों पार्टियां प्रदेश को 80 और 90 के दशक वाली साम्प्रदायिक आग में झोंक देंगी।
आम आदमी पार्टी की लोकसभा चुनावों की तैयारियों के बारे में बताते हुए संजय सिंह ने कहा कि पार्टी दिल्ली विधान सभा चुनावों की तरह ही पूरे देश में प्रचार अभियान चलाएगी और उसी तरह अपना प्रदर्शन दोहराएगी। लोकसभा चुनावों के लिए यूपी को पांच जोन में बांटा गया है और ये पांच जोनल को-ऑर्डिनेटर प्रत्याशियों के आवेदनों की स्क्रीनिंग कर उसे दिल्ली में गठित पार्लियामेंट्री अफेयर कमेटी को भेजेंगे।
संजय सिंह ने बताया कि हर लोकसभा क्षेत्र के लिए एक एक प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही जोनल को-ऑर्डिनेशन और स्क्रीनिंग कमेटी की स्क्रीनिंग के स्टेट को-ऑर्डिनेशन कमेटी होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आम आदमी पार्टी के 65 जिलों में संगठन हैं, जिनके मार्फत तेजी से सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है और इस अभियान के ख़त्म होने बाद आम आदमी अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर देगी।
राजनीति में आम आदमी पार्टी द्वारा दर्ज कराई गई मौजूदगी ने यूपी में न केवल राष्ट्रीय दलों, बल्कि क्षेत्रीय दलों की भी नींद उड़ा दी है। ऐसे में अब आम आदमी पार्टी ने पूरे देश में 300 से 350 लोकसभा उम्मीदवार खड़ा करने का एलान किया है। इसके लिए सर्वे चल रहा है और इसके बाद उम्मीदवारों की तलाश तेज कर दी जाएगी। आम आदमी पार्टी के बागी बर्खास्त विधायक विनोद कुमार बिन्नी को पार्टी से निकाल दिए जाने के बाद उनके धरने पर आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा है कि अनुशासनहीनता के चलते उन्हें पार्टी से बर्खास्त किया गया था और पार्टी इस तरह की कोई भी अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करेगी।
ऐसे में जहां आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा तो वहीं दूसरी तरफ पार्टी में चल रही बगावत पर सीधा जवाब देने से बचते हुए नज़र आए। संजय सिंह ने बर्खास्त विधायक विनोद कुमार बिन्नी पर निशाना साधा।