लखनऊ. अगले सत्र से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले और विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्रों के कौशल विकास के साथ ही व्यक्तित्व विकास को लेकर बाबा साहेब भीमरॉव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय पर्सनालिटी डेवलेपमेंट सेंटर खोलेगा। इस सेंटर के माध्यम से उन छात्रों को प्रशिक्षित किया जाएगा जो प्रतियोगी परीक्षाओं में साक्षात्कार के समय नर्वस हो जाते हैं।
गुरूवार को विवि. में बॉडी लैंग्वेज, पर्सनल स्किल्स, पर्सनालिटी डेवलेपमेंट, टेक्निकल ग्रूमिंग और चुनौतियों पर आयोजित एक कार्यशाला के दौरान पंजाब यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर जीतेंद्र मोहन ने व्यकित्व विकास के अनेक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमें जीवन की सभी चुनौतियों को स्वीकार करने के लिए हमेशा तैयार रहना चहिए। इससे हमें अपनी मंजिल का पता होगा और हमारा लक्ष्य एक होगा। ऐसा होने से स्वयं में आत्मविश्वास पैदा करना आसान हो जाता है।
पर्सनालिटी डेवलेपमेंट का पहले अध्याय 'सेल्फ प्रेजेंटेशन' में कहा गया है कि पहला प्रभाव ही आखिरी प्रभाव होता है। उन्होंने कहा पर्सनालिटी डेवलपमेंट केवल सेल्फ डेवलपमेंट तक ही नहीं सीमित है बल्कि इसका दायरा सामाजिक अध्यात्मिक मानसिक, आर्थिक और भावनात्मक से भी जुड़ा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विवि. के कुलपति प्रो. आर.सी. सोबती ने कहा कि वह दिन दूर नहीं, जब लोग इस युनिवर्सिटी को यहां के छात्रों की वजह से जानेंगे।
जितेंद्र मोहन ने पर्सनालिटी डेवलेपमेंट के बारे में बताते हुए कहा कि हमें सभी विकासपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेना चाहिए ताकि हमारा विकास हो सके। हमें अपनी पर्सनालिटी को ऐसा बनाना चाहिए की लोग हमसे कुछ सीखें। हम एक आदर्श बनें। इसके साथ ही हमें अपनी कार्यक्षमता पर विश्वास होना चाहिए। उन्होंने वेश-भूषा, संवाद शैली, तर्क-शक्ति और कार्य-विधि को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए भी कहा।
अगले साल में संचालित होगा पर्सनालिटी डेवलपमेंट सेंटर
विवि. के कुलपति प्रो. आर.सी. सोबती ने बताया कि छात्रों के व्यक्तित्व को लेकर विवि. में एक पर्सनालिटी डेवलेपमेंट सेंटर खोला जाएगा। जिसमें छात्रों को व्यक्तित्व निर्माण को लेकर जानकारी दी जाएगी। इस सेंटर का संचालन अगले सत्र से होगा।
फोटो: छात्रों को संबोधित करते हुए पंजाब यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर जीतेंद्र मोहन।