पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Analysis Sp Big Won In By Election Bjp Lost Election

ANALYSIS: सपा को मिली बड़ी सफलता, बीजेपी चारों खाने चित्त

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
प्रतीकात्मक तस्वीर
लखनऊ. यूपी उपचुनाव के नतीजे आ गए हैं। इसमें सपा को बड़ी सफलता मिली है तो बीजेपी चारों खाने चित्त हो गई है। सपा ने आठ सीटों पर कब्जा कर लिया है। यहां तक की पीएम मोदी के संसदीय सीट से बीजेपी समर्थित अपना दल प्रत्याशी तक की हार हो गई है। हालांकि, उपचुनाव के बारे में ऐसा माना जाता है कि यह हमेशा से सत्तारूढ़ दल के पक्ष में ही आते रहे हैं।
चुनाव से पहले बीजेपी यूपी में बड़ी बढ़त की तैयारी कर रही थी, लेकिन अब उसका ही कद छोटा हो गया है। सपा जश्न मना रही है, विधानसभा में उसका आकार और बड़ा हो गया है। बीजेपी और अपना दल से सीटें छीन कर वह खुद पर इतरा भी सकती है। नतीजों ने यह साफ कर दिया है कि मोदी सरकार और बीजेपी सांसदों के काम से वोटर खुश नहीं है। कई सांसदों को तो अपनी ही विधानसभा सीट को हाथ से निकलते हुए देखना पड़ा है। वहीं, कुछ जगहों पर इनपर आरोप लगा कि उन्होंने अपने प्रत्याशियों की मदद ही नहीं की और उनके खिलाफ काम किया।
लखीमपुर खीरी में सांसद पर लगा आरोप
लखीमपुर खीरी की निघासन सीट पर बीजेपी के हारे हुए उम्मीदवार ने अपने सांसद पर आरोप लगाया कि उनकी पराजय के लिए स्थानीय बीजेपी सांसद जिम्मेदार हैं। इसी तरह का आरोप मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा विधानसभा क्षेत्र में भी लगा। वहां भी बीजेपी के सांसद ने उम्मीदवार का साथ नहीं दिया। लेकिन, ये सब स्थानीय मुद्दे हैं।
सपा की रणनीति काम आई
उपचुनाव में जीत-हार तय करने का सबसे महत्वपूर्ण कारक मतदान का प्रतिशत रहा है। बीजेपी लखनऊ तथा नोएडा की जिन सीटों पर जीती है, वहां मतदान का प्रतिशत सबसे कम रहा है। वहीं, सपा जिन सीटों पर जीती है, वहां मतदान का प्रतिशत तुलनात्मक रूप से अधिक रहा है। यानी सपा इन उपचुनावों में जिन सीटों पर अपने वोटरों को ज्यादा से ज्यादा बाहर निकालने मे सफल रही है, उन सीटों पर उसे जीत मिली। यानी अधिक मतदान का सीधा लाभ सपा को मिला। मतदान की बढ़त के लिए सपा की चुनावी रणनीति और हर सीट के लिए तैनात मंत्रियों की भी खास भूमिका रही है।
आगे पढ़िए नहीं चला सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का कार्ड...
लेखक यूपी के वरिष्ठ पत्रकार हैं।