लखनऊ. धर्मपरिवर्तन की चिंगारी यूपी में ऐसी फैली है की शांत होने का नाम ही नहीं ले रही है। लगातार हो रही बहस के बाद अब यूपी के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को प्रार्थना पत्र देकर धर्मपरिवर्तन की जानकारी मांगी गई है। पत्र में सांप्रदायिक संगठनों द्वारा जिन छह हजार लोगों के धर्मपरिवर्तन की बात कही गई थी। उन छह हजार लोगों से संबंधित जानकारी मांगी गई है।
सूचना का अधिकार (आरटीआई) का प्रयोग करते
धर्म परिवर्तन किए गए छह हजार लोगों के नाम, पिता का नाम, स्थायी पते की प्रमाणित कॉपी मांगी गई है। इसको लेकर शनिवार को आयुक्त हाफिज उस्मान ने सुनवाई की। इस दौरान विभाग के जनसूचना अधिकारी, उप निदेशक हंसराज को आयोग में उपस्थित होने का आदेश दिया गया। हंसराज ने आयोग से प्रार्थी को सूचना देने के लिए समय मांगा है। आयोग ने इसे स्वीकार करते हुए आवेदक को 30 दिन के अंदर सूचना उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।
बता दें, रिजर्व बैंक कालोनी निवासी सिद्धार्थ नारायण ने अपने प्रार्थना पत्र में कहा है कि बहुत से सांप्रदायिक संगठन देश के माहौल को खराब करना चाहते हैं। ये धर्म परिवर्तन के नाम पर झूठी अफवाह फैला रहे हैं। इससे लोकत्रंत को नुकसान पहुंचने का अंदेशा है। इसलिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से ऐसे लोगों की सूची मांगी गई है, जो समाचार पत्रों में छपी है।
आवेदक ने कहा है कि समाचार पत्रों में धर्मपरिवर्तन करने वालों को 25 और पांच लाख रुपए देने की बात कही गई है। आयोग ने प्रकरण पर सख्त रूख अपनाते हुए 13 मार्च तक सभी संबंधित अभिलेखों के साथ आयोग में उपस्थित होने के आदेश दिए हैं।
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