लखनऊ. राजधानी के तालकटोरा पुलिस ने दो चोरों को गिरफ्तार कर उनके पास से अति प्राचीन अष्टधातु की गणेश की एक मूर्ति बरामद की है। इसके अलावा भारी संख्या में लूट का माल और 72
मोबाइल सेट बरामद हुए हैं। पुलिस ने बताया कि बरामद मोबाइल सेट एक दुकान से चोरी किए गए हैं। इसकी प्राथमिकी तालकटोरा थाने में दर्ज है। वहीं, गणेश की मूर्ति के बारे में कोई ठोस जानकरी नहीं मिली है। इंस्पेक्टर तालकटोरा के अनुसार, दोनों चोरों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
सीओ बाजारखाला राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि तालकटोरा पुलिस और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने शनिवार सुबह आलमनगर रेलवे स्टेशन के पास से बाराबंकी निवासी कमलेश यादव और अनवर को पकड़ा। पुलिस ने उनके पास से दुकान से चोरी किए गए 72 मोबाइल फोन, 17 चार्जर, 12 लीड और पांच किलो की गणेश की मूर्ति बरामद की है। पूछताछ में दोनों ने बताया है कि बीते छह अगस्त को तालकटोरा स्थित बालाजी मंदिर के पास एक मोबाइल दुकान का शटर तोड़कर चोरी की थी।
पुरात्तव विभाग की ली जाएगी मदद
सीओ बाजारखाला ने बताया कि मूर्ति के ऐतिहासिक महत्व का पता लगाने के लिए वे विशेषज्ञों से संपर्क करेंगे। जरूरत पड़ने पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की मदद भी ले सकते हैं। उनहोंने कहा कि अष्टधातु की मूर्तियां ऐतिहासिक धरोहर हैं। इसकी चोरी और तस्करी पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मेटोलॉजी का भी लिया जा सकता है सहारा
अम्बेडकर विश्वविद्यालय में इतिहास विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वीएम रवि कुमार ने बताया कि अष्टधातु की मूर्तियों के बारे में पता लगाने के लिए मेटोलॉजी का सहारा लिया जा सकता है। इसके अलावा उनकी बनावट के आधार पर उनके निर्माण काल का पता लगाया जा सकता हैं। उन्होंने बताया कि पहला तरीका वैज्ञानिक और दूसरा तरीका ऐतिहासिक विधि कहलाता है।
तस्वीर में: चोरी के माल के साथ गिरफ्तार दोनों चोर (बैठे हुए)।