लखनऊ. नई दिल्ली में महिला के साथ कैब ड्राइवर द्वारा किए गए रेप की घटना के बाद आरटीओ सतर्क हो गई है। राजधानी में अब आरटीओ द्वारा सभी ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों का वेरिफिकेशन किया जाएगा। ऐसा ऑटो, टैक्सी या टैंपो में यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए किया जा रहा है। आरटीओ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने इस संबंध में कार्रवाई शुरू कर दी है। यही नहीं, ट्रांसपोर्ट कमिश्नर और पुलिस के आला अधिकारी प्रदेशभर में ऐसा करने की तैयारी कर रहे हैं।
दिल्ली कैब कांड के बाद डीजीपी ने भी सभी कप्तानों को सर्कुलर जारी किया है। उन्हें निर्देश दिए हैं कि मकानों के किरायेदारों और अन्य मामलों में सख्ती के साथ पुलिस वेरीफिकेशन किया जाएगा। आईजी सतीश गणेश के मुताबिक, डीजीपी मुख्यालय की ओर से समय-समय पर पुलिस वेरीफिकेशन संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए जाते रहे हैं। अक्सर देखा गया है कि जमीनी स्तर पर पुलिस इसका पालन नहीं करती। आगे से ऐसा होने पर संबंधित पुलिस के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
क्यों पड़ी वेरिफिकेशन की जरूरत
बीते 6 दिसंबर को दिल्ली में कैब में सवार युवती के साथ रेप किया गया था। इसकी चर्चा सड़क से लेकर संसद तक हुई थी। पुलिस ने एक लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया था। रविवार को कैब चालक शिवकुमार यादव (32) को उसके गृहनगर मथुरा से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद जांच में पता चला था कि शिवकुमार यादव पहले भी रेप के एक मामले में जेल जा चुका है।
साल 2011 में दर्ज हुआ था मामला
उसके खिलाफ यह मामला साल 2011 में दक्षिणी दिल्ली के महरौली इलाके में दर्ज किया गया था। ऐसे में यदि उसकी नियोक्ता कंपनी ने उसकी पृष्ठभूमि के बारे में सत्यापन कराया होता, तो उसे नौकरी नहीं मिलती।
प्रतीकात्मक तस्वीर।