लखनऊ. लखनऊ हाईकोर्ट की अवध बार एसोसिएशन के वकील की मृत्यु पर उसके परिवार को तत्काल चार लाख रुपए का बैंक ड्रॉफ्ट दिया जाएगा। इसके लिए परिवार के सदस्य को अर्जी देने की भी जरूरत नहीं होगी। हांलाकि एसोसिएशन मृतक वकील के परिजन की पहचान अवश्य सुनिश्चित करेगा।
कोर्ट ने एसोसिएशन के इस नियम को अक्षरशः लागू करने का आदेश दिया है। जस्टिस डीपी सिंह और जस्टिस एके त्रिपाठी की बेंच ने कहा है कि यह पैसा वकील के परिजनों पर कोई उपकार स्वरूप नहीं होगा बल्कि बार का सम्मानित सदस्य होने के नाते उनका हक होगा।
मंजरी गुप्ता की याचिका पर दिया फैसला
बेंच ने यह आदेश वकील मंजरी गुप्ता की याचिका पर पारित किया। मंजरी के पिता उमा जीत गुप्ता अवध बार एसोसिएशन के सदस्य थे। 30 दिसंबर 2013 को उनकी मृत्यु हो गई थी। मंजरी ने 3 जनवरी 2014 को बार की मदद के लिए अर्जी दी। लेकिन, उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर उसने रिट दाखिल कर कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की।
हर मेंबर को मिलेगा राशि
मामले की जानकारी होते ही बार के महासचिव रमेश पांडे ने कोर्ट को सूचित किया कि नियमों के मुताबिक चार लाख रुपए की मदद याची को तुरतं की जाएगी। साथ ही ऐसे मामले में बार हमेशा सजग रहेगा।
प्रतीकात्मक तस्वीर