रामपुर. जेनएनयू मामले पर आजम खान ने कहा, ‘जो बात बीजेपी कह रही है वह सच नहीं है। इस पर जांच होनी चाहिए। जेएनयू की यह साख कभी नहीं रही है। यह बहुत सेक्यूलर यूनिवर्सिटी है। इसके छात्र ऐसे बात नहीं कह सकते, जो राष्ट्र के खिलाफ हो।’ आजम ने ये बातें शनिवार को रामपुर में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से कही।
जएनयू पर नहीं चलेगी बीजेपी की भाषा…
-आजम ने कहा, बीजेपी की भाषा जेएनयू पर नहीं चलेगी। यह सब गलत इल्जाम हैं।
-बीजेपी ने जेएनयू में अपने एजेंट्स घुसेड़कर ऐसे नारे लगवाए हैं।
-बीजेपी जेएनयू को बंद कराना चाहती है। जैसे एएमयू के साथ हुआ, जामिया के साथ हुआ, वहीं जेएनयू के साथ होने जा रहा है।
-बीजेपी चाहती है कि जेएनयू में एजुकेशन पैटर्न बदल जाए और केसरिया शिक्षा की पढ़ाई हो।
-अगर दिल्ली और बिहार में बीजेपी को राजनीतिक झटका न लगा होता तो यह पार्टी अब तक देश का पूरा नक्शा बदल चुकी होती।
क्या था मामला
-9 फरवरी को जेएनयू में संसद पर आतंकी हमले के दोषी अफजल गुरु और मकबूल भट को लेकर एक प्रोग्राम होना था। लेकिन विरोध हुआ और कुछ स्टूडेंट्स ने आतंकियों के फेवर में इंडिया गो बैक के नारे लगाए थे।
- इसके बाद 10 फरवरी की रात दिल्ली प्रेस क्लब में प्रोग्राम के दौरान कुछ लोगों ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए थे।
- जेएनयू के मामले में बीजेपी सांसद महेश गिरी और एबीवीपी ने बसंतकुंज थाने में केस दर्ज कराया।
- वहीं, प्रेस क्लब में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने पर दिल्ली पुलिस ने खुद केस दर्ज किया, जिसमें अलगाववादी नेता एसएआर गिलानी मुख्य आरोपी हैं।
- दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह (124ए) और आपराधिक साजिश रचने (120बी) की धाराओं में केस दर्ज किया है।