लखनऊ. बांग्लादेश में मेडिकल और मेडिकल एजुकेशन के विस्तार को लेकर रोडमैप तैयार करने के लिए केजीएमयू को नोडल सेंटर बनाया गया है। इसके चलते सोमवार को बांग्लादेश के बंगबंधु शेख मुजीब मेडिकल यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने केजीएमयू का दौरा किया। इस दौरान विभागों के निरीक्षण पर निकले बीबीएसएमएमयू के अधिकारियों ने संस्थान के महत्वपूर्ण विभागों के साथ ही ट्रॉमा सेंटर में गंभीर मरीजों की देखरेख करने की बारीकियों को समझने की कोशिश की गई।
निरीक्षण पर आए अधिकारियों ने केजीएमयू के शताब्दी अस्पताल, क्वीन मैरी, पीड्रियाटिक्स सहित अन्य कई विभागों की कार्यप्रणाली को देखा। उसके बाद टीम के सदस्यों ने ट्रॉमा सेंटर में गंभीर रोगियों की पेशेंट केयर को समझने का प्रयास किया। विभागों का दौरा करने के बाद टीम के सदस्यों ने केजीएमयू कुलपति प्रो. रविकांत और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर अपने यहां पर मेडिकल एजुकेशन के विस्तार को लेकर संभावित योजनाओं पर खाका खींचा।
शिक्षकों का पलायन रोकने पर की चर्चा
कुलपति प्रो. रविकांत ने बताया कि बांगलादेश की टीम इस बात को देखकर हैरान थी कि केजीएमयू किस तरह से इतने रोगियों को सफलतापूर्वक इलाज दे रहा है। उन्होंने बताया कि टीम ने कुलपति से इस बात की जानकारी भी ली कि किस तरह से विवि के शिक्षकों के पलायन को रोका जाए क्योंकि बांगलादेश विवि से लगातार शिक्षकों का पलायन जारी है।
टीम में शामिल रहे यह अधिकारी
केजीएमयू आने वाले प्रतिनिधि मंडल में प्रो. एके एम अख्तर के नेतृत्व में यूनिवर्सिटी के प्रतिकुलपति प्रो. जुल्फीकार रहमान खां, इंटरनल मेडिसिन विभाग के चेयरमैन प्रो. अब्दुल जलील चौधरी, नेत्ररोग विभाग के चेयरमैन प्रो. मोहम्मद शफीकुर्ररहमान और डीन फैकल्टी ऑफ डेंट्रिसिटी प्रो. अली असगर मोराल शामिल हैं।
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