लखनऊ. शासन स्तर पर जारी स्थानान्तरण नीति को ठेंगा दिखाकर सालों से एक ही जिले में नियुक्त बेसिक शिक्षा विभाग के करीब 150 'दबंग' खंड शिक्षा अधिकारी जल्द हटाए जाएंगे। लम्बे अरसे से इस दिशा में चल रही कवायद को अमली जामा देते हुए निदेशालय ने इस मामले का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। वहीं, प्रस्ताव भेजने की खबर पाकर कई खंड शिक्षा अधिकारी निदेशालय और शासन स्तर पर सेंटिग करने की कवायद में जुट गए हैं।
निदेशालय की ओर से शासन को जो सूची भेजी गई है। इसमें ज्यादातर लखनऊ और इसके पास के जिलों में कई सालों से तैनात खंड शिक्षा अधिकारियों के नाम हैं। नियम के मुताबिक, बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षा व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने के लिए ब्लॉक स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारियों की तैनाती की कार्रवाई किए जाने का प्राविधान है।
लखनऊ समेत करीब बीस जिलों में खंड शिक्षा अधिकरियों का जिले में तैनाती को लेकर गहरा लगाव हो गया है। राजधानी में ही नगर क्षेत्र में तैनात और मोहनलालगंज, चिनहट सहित करीब आधा दर्जन ब्लाकों में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी करीब बीस साल से ज्यादा समय से राजधानी में ही अपनी सेवाएं गुजार कर सरकार की स्थानांतरण नीति को ठेंगा दिखा रहे हैं। कई ब्लॉक अफसर तो अपने जुगाड़ के कारण बेसिक शिक्षा अधिकारियों के आदेशों को तांक पर रख कर अपनी मनमानी तक करते रहते हैं। इन अधिकारियों की शिकायत पाकर शासन स्तर पर अभी दो माह पूर्व ही निदेशालय को आदेश जारी कर सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया था।
सूची तैयार कर निदेशालय को भेजी
निदेशालय की तरफ से इस बावत 150 खंड शिक्षा अधिकारियों की सूची तैयार कर निदेशालय को भेजी जा चुकी है। इस सूची में 15 साल से ऊपर एक ही स्थान पर कार्य कर रहे अधिकारियों के नाम भेजे गए हैं। इसके साथ ही सूची में उन अधिकारियों के नाम भी शामिल किए गए हैं, जिनके खिलाफ पूर्व में अभद्रता की शिकायतें भी निदेशालय को प्राप्त हो चुकी हैं। निदेशक दिनेश बाबू शर्मा ने बताया कि ऐसे अधिकारियों की सूची शासन को भेज दी गई है। शासन से निर्देश मिलने के बाद कदम उठाया जाएगा।
यूपी सरकार का लोगो।