लखनऊ. यूपी के बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने परिषदीय स्कूलों में अब अंग्रेजी की पढ़ाई अनिवार्य कर दी गई है। उन्होंने एक अप्रैल से परिषदीय स्कूलों के सत्र प्रारंभ करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कक्षा-1 से अब परिषदीय स्कूलों में अंग्रेजी पढ़ाई जाएगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को शिक्षकों के वयन, प्रशिक्षण का कार्य समय से पूरा करने का निर्देश दिया है।
बेसिक शिक्षा अधिकारियों के साथ बुधवार को आयोजित बैठक में बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने कहा कि सभी बेसिक शिक्षा अधिकारी 15 दिसंबर तक अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की कार्य योजना तैयार करें। इसके साथ ही योग्य शिक्षक चिन्हित करने के लिए भी कहा गया है। उन्होंने परिषदीय सचिव को निर्देशित करते हुए कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद पायलट प्रोजक्ट तैयार करें। ऐसे में निदेशक एनसीईआरटी भी प्रस्ताव तैयार कर किताबों का अंग्रेजी अनुवाद तैयार कराया जाए।
खराब स्थिति वाले पिछड़े स्कूलों को गोद लें अधिकारी
राम गोविंद चौधरी ने कहा कि जो सबसे खराब और पिछड़े स्कूल हैं उन्हें समस्त खंड शिक्षा अधिकारी, समस्त ब्लॉक संसाधन केंद्रों के सह-समन्वयक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, सहायक और डायट प्रिंसिपल/प्राचार्य/प्रभारी दो-दो स्कूल गोद लेकर आदर्श विद्यालय बनाएंगे। उन्होंने 15 जनवरी तक इन प्राइमरी स्कूलों को गोद लेने के निर्देश दिए हैं।अब तक यूपी में कुल 7000 स्कूल लिए जाने के निर्णय थे। अब प्राचार्य को शामिल करने के बाद 150 और स्कूलों की संख्या बढ़ा दी गई है। इस प्रकार कुल 7150 आदर्श स्कूल बन सकेंगे।
मेज, कुर्सी पर बैठ कर पढ़ेंगे परिषदीय स्कूलों के बच्चे
बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि अब बेसिक शिक्षा के संसाधनों के माध्यम से परिषदीय प्राथमिक स्कूलों के बच्चे भी मेज-कुर्सियों पर बैठकर पढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए निर्णय पहले लिया गया था और भारत सरकार से वित्तीय सहायता की मांग भी की गई थी। हालांकि, पैसा नहीं मिलने की वजह से अभी तक इस निर्णय की पहल नहीं हो पाई है।
फाइल फोटो: बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी।