बिजनौर ब्लास्ट की फाइल फोटो।
बिजनौर. बिजनौर के एक मकान में हुए ब्लास्ट के मामले की जांच कर रही एंटी टेररिस्ट स्क्वॉयड (एटीएस) को बड़ी सफलता हासिल हुई है। एटीएस सूत्रों की मानें तो, फरार आतंकियों में से घायल शेख महबूब एटीएस की हिरासत में है। उसे गुप्त स्थान पर रखकर पूछताछ की जा रही है। इससे अलावा आतंकियों को फर्जी आईडी पर सिमकार्ड और इंटरनेट उपलध करवाने वाले तीन लोगों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य पांच आतंकी अभी फरार चल रहे हैं।
वहीं आतंकियों से जुड़ी जानकारी निकालने के लिए एटीएस लगातार बिजनौर के सभी संदिग्ध इलाकों में छापेमारी कर रही है। घायल आतंकी शेख महबूब के बारे में जानकारी जुटाने के लिए एटीएस, एसटीएफ, आईबी और एनआईए जैसी खुफिया एजेंसियां लगी हुई थीं। इसी सर्च अभियान के दौरान एटीएस को यह सफलता हाथ लगी है। हालांकि, अन्य पांच आतंकियों के फरार होने से एटीएस कुछ खास खुश नहीं है।
फर्जी आईडी और सिम देने वाले गिरफ्तार
राजधानी के आईजी (क्राइम) अमिताभ यश ने बताया कि, पुलिस की जांच में पता चला था कि आतंकी जो
मोबाइल नंबर और डाटा कार्ड प्रयोग कर रहे थे उन्हें स्थानीय दुकानदारों ने ही उपलब्ध करवाया था। ऐसे में पुलिस ने बड़े ही गुपचुप तरीके से फर्जी आईडी पर सिम उपलब्ध करवाने वाले आरोपियों की पहचान की। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से बिजनौर कोतवाली क्षेत्र में छापा मारा और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों में गौरव, आशीष और जसपाल शेट्टी हैं। तीनों के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। सूत्रों की मानें तो, लखनऊ में इन तीनों से किसी गुप्त स्थान पर पूछताछ चल रही है।
तलाश के लिए बनी है 48 टीमें
बिजनौर ब्लास्ट में सिमी के आतंकियों का हाथ होने के बाद पुलिस और जांच एजेंसियों ने इन्हें पकड़ने के लिए 48 टीमें गठित की हैं। इसमें अर्ध सैनिक बल भी शामिल हैं। आतंकियों की तलाश में 5 टीमें अलीगढ़, मुरादाबाद, संभल, सहारनपुर और मेरठ भेजी जा चुकी हैं। स्थानीय स्तर पर भी आतंकियों की तलाश जारी है।
आगे पढ़िए आतंकियों पर 5-5 लाख रुपए का इनाम...