खंडवा जेल से फरार सिमी आतंकी की फाइल फोटो।
लखनऊ. बिजनौर में ब्लास्ट के बाद फरार हुए (स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) सिमी के आतंकियों के बारे में नई-नई जानकारियां सामने आ रही हैं। जांच में जुटी नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए), इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी), यूपी एंटी टेररिस्ट स्क्वॉयड (एटीएस) की टीमों को जानकारी मिली है कि बिजनौर में रह रहे आतंकी देश की राजधानी और वेस्ट यूपी के भीड़-भाड़ वाले इलाकों में सीरियल ब्लास्ट करने के फिराक में थे। इस बात की पुष्टि वहां से मिले हथियार और भारी मात्रा में बरामद हुए विस्फोटक से हुई हैं। हालांकि, बम बनाते समय हुए विस्फोट ने आतंकियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
बताते चलें कि बिजनौर में विस्फोट कर लापता हुए आतंकियों पर पांच-पांच लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया है। दूसरी ओर, एमपी एटीएस के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि बिजनौर में आतंकी जिस तरह से बम ब्लास्ट की तैयारी कर रहे थे, वह अलकायदा के तौर-तरीकों पर आधारित था। इसकी खुलासा बीते दिसंबर में एमपी एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए आतंकी अबू फैसल के साथ गिरफ्तार हुए सिमी आतंकी इरफ़ान नागौरी ने भी की थी। अबू फैसल बिजनौर में ब्लास्ट करने वाले आतंकियों के साथ पिछले साल खंडवा जेल से फरार हुआ था।
अबू फैसल है मास्टरमाइंड
अबू फैसल को खंडवा जेल से आतंकियों के फरार होने का मास्टरमाइंड माना जाता है। एमपी एटीएस ने उसके कब्जे से अलकायदा की मैगज़ीन और अलकायदा मैन्युअल की पीडीएफ फाइल बरामद की थीं। कोर्ट में फैसल और इरफान नागौरी ने खुद इस बात को कबूला था। अबू फैसल इंडियन मुजाहिदीन और सिमी के बीच संपर्क सूत्र था।
कानपुर और सोलापुर में मोदी की हत्या की थी योजना
गिरफ्तारी के बाद अबू फैसल और इरफ़ान नागौरी ने कबूल किया था कि उनका इरादा महाराष्ट्र के सोलापुर में
नरेंद्र मोदी की सभा में बम धमाका कर उनकी हत्या करने का था। कोर्ट में इन आतांकियों के पास बरामद हुई पेन ड्राइव से अलकायदा और अन्य आतंकी संगठनों से संपर्क की जानकारी मिली थी। आतंकियों ने यह भी कबूला था कि मोदी के अलावा वे मुजफ्फरनगर में भी विस्फोट कर बड़े पैमाने पर तबाही फैलाना चाहते थे।
सिक्युरिटी एजेंसीज की तत्परता के चलते भाग गए थे नेपाल
चुनाव प्रचार के दौरान कानपुर में मोदी की रैली के दौरान आतंकियों ने नरेंद्र मोदी की हत्या का प्लान बनाया था, लेकिन सिक्युरिटी एजेंसीज की तत्परता के चलते आतंकी नेपाल भाग गए थे। तत्कालीन कानपुर एसएसपी यशस्वी यादव ने भी स्वीकार किया था कि आतंकी मोदी के ऊपर रॉकेट लांचर से हमला करने के फिराक में थे।
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