फोटो: जीत के बाद बीेजेपी कार्यकर्ताओं से घिरे गोपाल टंडन।
लखनऊ. लखनऊ पूर्वी विधानसभा सीट पर हुए अपचुनाव में लालजी टंडन के बेटे और बीजेपी प्रत्याशी गोपाल टंडन ने जीत हासिल की। उन्होंने सपा की जूही सिंह को 26 हजार 459 वोटों से हरा दिया। गोपाल टंडन को कुल 71 हजार 640 वोट मिले। उपचुनाव में सपा प्रत्याशी जूही सिंह को 45 हजार 181 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के रमेश श्रीवास्तव 9 हजार 757 वोटों से संतोष करना पड़ा।
उपचुनाव में इस बार सपा ने शानदार प्रदर्शन किया। सपा ने मैनपुरी सहित कुल आठ विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की। बीजेपी ने लखनऊ पूर्वी सीट के साथ सहारनपुर और नोएडा में चुनाव जीता। गोपाल टंडन की यह जीत इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि लखनऊ पूर्वी में सिर्फ 34 फीसदी वोटिंग हुई थी। वहीं, साल 2012 के विधानसभा चुनाव में यहां 53.13 फीसदी वोट पड़े थे। उस वक्त कलराज मिश्रा को कुल 68 हजार 726 वोट मिल थे। ऐसे में गोपाल टंडन ने उपचुनाव में 71 हजार 640 वोट लेकर बीजेपी के सीनियर लीडर कलराज मिश्रा को पीछे छोड़ दिया।
लालजी टंडन के आवास पर जश्न का माहौल
काउंटिंग के शुरुआती दौर में गोपाल टंडन सपा की जूही सिंह से काफी पीछे चल रहे थे। देखते ही देखते वह आगे निकल गए। यह अंतर लगातार 10 हजार तक बना रहा। आखिर में गोपाल टंडन विजयी घोषित हुए। जैसे ही यह खबर लालजी टंडन के आवास पहुंची, वहां जश्न का माहौल हो गया। कार्यकर्ताओं में मिठाइयां बंटनी शुरू हो गईं। बधाई देने के लिए लोग जुटने लगे।
लालजी टंडन ने जताई खुशी
बीजेपी के पुर्व सांसद लालजी टंडन पिछले कई साल से राजनीति में अपने बेटे के उज्जवल भविष्य के लिए चिंतित थे। गोपाल टंडन की इस जीत से उनकी चिंता की लकीरे कहीं न कहीं कम जरूर हुई होंगी। अपने बेटे के प्रेम में ही उन्होंने राजनाथ सिंह के लिए लखनऊ सीट छोड़ी थी। शीर्ष नेतृत्व से उन्होंने वादा लिया था कि गोपाल टंडन को आगे मौका दिया जाएगा।
कलराज के सीट छोड़ने के बाद गोपाल को मिला मौका
किस्मत से कलराज मिश्र सांसद बनकर देवरिया चले गए और लखनऊ पूर्वी की सीट खाली हो गई। कई लोगों की नजर इस सीट पर थी, लेकिन लालजी टंडन के त्याग को देखते हुए इस सीट से गोपाल टंडन को टिकट दिया गया। बेटे की जीत पर लालजी टंडन ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने गोपाल टंडन की जीत का श्रेय संगठन को दिया।
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