तस्वीर में: विधानसभा के सामने धरने पर बैठे लक्ष्मीकांत वाजपेयी(दाएं से दूसरे) और अन्य बीजेपी विधायक।
लखनऊ. लोकसभा चुनाव जीतने के बाद से ही बीजेपी का सिर्फ एक ही लक्ष्य है वह है यूपी की सत्ता पर काबिज होना। इसके लिए लगातार बीजेपी अखिलेश सरकार पर आक्रामक है। अब एक बार फिर यूपी सरकार के खिलाफ बीजेपी विधायकों ने मोर्चा खोल दिया है। सभी विधायक बिजली, कानून व्यवस्था, अवैध खनन जैसे मुद्दों को लेकर सोमवार से दो दिवसीय धरने पर विधानसभा के सामने बैठे हैं जिसमे सभी बड़े नेता भी शामिल हैं।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी, विधानमंडल दल के नेता सुरेश खन्ना सहित पार्टी के कई बड़े नेता धरने में शामिल हुए। सोमवार सुबह 11 बजे से शुरू हुआ यह धरना मंगलवार शाम पांच बजे समाप्त होगा। उनका कहना है कि विधानसभा के सामने वह इसलिए धरना दे रहे हैं ताकि लापरवाह सरकार अपनी जिम्मेदारियां समझे।
जस की तस है बिजली समस्या
वहीं इस धरने के बारे में लक्ष्मीकांत वाजपेयी का कहना है कि अखिलेश सरकार में कानून-व्यवस्था की हालत खराब है। बहु-बेटियां घर से अकेले निकलने में डरती हैं। बिजली की समस्या जस की तस बनी हुई है। स्थिति यह है कि अब सीएम अखिलेश यादव उल्टा केंद्र सरकार पर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अवैध खनन चरम पर है। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वह आंदोलन करेंगे।
जानकार बोले लोकल मुद्दों पर लौटना जरूरी
वरिष्ठ पत्रकार सुकृति श्रीवास्तव ने बताया कि भाजपा की मजबूरी है कि वह लोकल मुद्दों को अब उठाए। क्योंकि उपचुनावों से साबित हो गया है कि अब
लव जिहाद से काम नहीं चलने वाला है। यूपी में यूथ वोटर सबसे ज्यादा है और वह धर्म से जुड़े मुद्दों में नहीं पड़ना चाहता है। उसे अब हर क्षेत्र में विकास चाहिए। इसलिए बीजेपी की मजबूरी है लोकल मुद्दों की ओर लौटना तभी वह 2017 में सपा पर भारी पड़ सकती है नहीं तो बाजी कोई और मार लेगा।
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