लखनऊ. जब साउथ अफ्रीका में वर्ल्ड कप खेलने जा रहे थे तब सचिन तेंदुलकर ने हमें शुभकामनाएं दी थीं। उनकी इस हौसला अफजाई से वर्ल्ड कप जीतकर लौटे। अन्य देशों में क्रिकेटर ब्लाइंड क्रिकेट टीम का हौसला बढ़ाने का काम करते हैं। ऐसे में हमारी भी यही इच्छा है कि भारतीय टीम के खिलाड़ी हमारे मैच देखें और प्रोत्साहित करें। ये बातें भारत के ब्लाइंड क्रिकेट टीम के उपकप्तान रहे अजय कुमार ने कहीं। ये राजधानी में 14वीं डॉ. शकुंतला मिश्रा ब्लाइंड नेशनल क्रिकेट टूर्नामेंट में हरियाणा की ओर से खेलने आए हुए हैं।
बुधवार को केडी सिंह बाबू स्टेडियम में शुरू हुए 14वीं डॉ. शकुंतला मिश्रा ब्लाइंड नेशनल क्रिकेट टूर्नामेंट में 22 टीमें हिस्सा ले रही है। इसमें ब्लाइंड वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके प्लेयर्स भी हिस्सा ले रहे हैं। उपकप्तान अजय कुमार बताते हैं कि सचिन तंदुलकर को खेलता देखकर ही मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया था। मुझे क्रिकेट खेलते हुए 10 साल होग गए।
भारत ने जीता पहली बार वर्ल्ड कप
साल 2002 से पाकिस्तान ही यह वर्ल्ड कप जीतता आ रहा था। पहली बार पाकिस्तान को फाइनल में हराकर इस वर्ल्ड कप को भारत ने अपने नाम किया। वह समय हम सबके लिए काफी प्राउड मोमेंट था। पाकिस्तान ने खेलते हुए 40 ओवर में 389 रन बनाए गए थे। इस स्कोर को भारत ने 39.4 ओवर में ही 392 रन बनाकर चेस कर लिया था।
बीसीसीआई नहीं करता सपोर्ट
अजय बताते हैं कि दूसरे देश अपने यहां ब्लाइंड क्रिकेट टीम को काफी सपोर्ट करते है। हालांकि, भारत में ऐसा नहीं है। बीसीसीआई इस क्रिकेट को सपोर्ट नहीं करती। इससे खिलाडि़यों को काफी निराशा होती है।
खेलने के लिए स्टेडियम तक नहीं
सभी खिलाड़ी इसी बात से निराश थे कि भारत में ब्लाइंड क्रिकेट खेलने के लिए कोई भी स्टेडियम नहीं है। वहीं, पाकिस्तन जैसे देश में ऐसे खिलाडि़यों के लिए अलग से स्टेडियम है। पाक क्रिकेटर अजमल ब्लाइंड क्रिकेटिंग के लिए खुद कोचिंग देते है, लेकिन यहां ऐसा नहीं है। इस स्थिति को बदलना चाहिए ताकि हमें भी अच्छे से खेलने का मौका मिले।
फोटो: भारतीय ब्लांइड क्रिकेट टीम।