लखनऊ. राजधानी में यूपी परिवहन की एक बस में शनिवार को आग लगाए जाने और तोड़फोड़ करने को पुलिस प्रशासन भी तालमेल की कमी को मान रहा है। एएसपी प्रताप गोपेंद्र ने रविवार को बताया कि अफरा-तफरी की वजह प्रशासन के सामंजस्य की कमी रही है। हंगामे के दौरान जितने भी परीक्षार्थी थे, उनमें से 90 फीसदी को इलाहाबाद जाना था।
शहर में हुए जाम से परिक्षार्थियों की गंगा गोमती ट्रेन छूट गई थी। इसके बाद सभी आलमबाग पहुंचे, वहां भी एक ही जगह के लिए बसे कम पड़ गई, जिससे छात्र उग्र हो गए और तोड़ फोड़ करने लगे। इसी दौरान एक बस में आग लगा दी गई थी। चार बसों में तोड़फोड़ भी की गई थी।
गौरतलब है कि शनिवार को राजधानी में हाईकोर्ट के चतुर्थ श्रेणी की परीक्षा थी। छात्रों के शहर में आने जाने और कई रूट की बसों का इंतजाम प्रशासन करने में नाकाम रहा। इससे परीक्षा देने आए छात्रों को भारी परेशानी हुई। इसके बाद उन्होंने आलमबाग बस अड्डे पर जमकर उत्पात मचाया। परिवहन निगम की एक बस को आग के हवाले कर, चार बसों में तोड़फोड़ की। हंगामे के बाद अधिकारियों के पहुंचने पर पुलिस ने छात्रों को नियंत्रित कर बसों का संचालन ठीक करवाया।
बस अड्डे की पुलिस चौकी थी खाली
आलमबाग बस अड्डे में ही आलमबाग थाने की रोडवेज पुलिस चौकी है। हंगामे के समय एक भी पुलिसकर्मी वहां मौजूद नहीं था। इसकी वजह से एक समय हालात ऐसे हो गए कि निगम के अधिकारियों कर्मचारियों को परिक्षार्थियों ने घेर लिया। हालांकि चालक परिचालकों की मदद से छात्रों को पुलिस के आने तक नियंत्रित किया गया।
आलमबाग रोडवेज बस स्टेशन (तस्वीर में)