लखनऊ. यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम की कार्यप्रणाली से यात्री परेशान हैं। सीएम से लेकर नगर निगम के एमडी तक वर्ल्ड क्लास बस अड्डा बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद ही आलमबाग से बसों को चारबाग में शिफ्ट किया जाना था। दो महीने से ज्यादा का समय बीतने के बाद भी आलमबाग की बसें पूरी तरह से चारबाग बस स्टेशन पर शिफ्ट नहीं हो सकी हैं। इसके चलते यात्रियों को पता ही नहीं चल पा रहा है कि उन्हें बस कहां से मिलेगी। ऐसे में यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है।
बीते 25 नवंबर को प्रमुख सचिव परिवहन अरविंद सिंह देव की अध्यक्षता में रोडवेज और परिवहन अधिकारियों की मीटिंग हुई थी। इसमें रोडवेज अफसरों ने आलमबाग बस स्टेशन को दस दिनों में खाली करने का आश्वासन दिया था। साथ ही इसे वर्ल्ड क्लास बस स्टेशन बनाने के लिए यहां से चलने वाली बसों को चारबाग में शिफ्ट किया गया था। हालांकि, दो महीने बीते गए हैं, लेकिन आलमबाग से चलने वाली बसें अभी पूरी तरह से चारबाग में शिफ्ट नहीं हो सकी हैं।
आलमबाग बस अड्डे से हो रहा है 30 फीसदी बसों का संचालन
वॉल्वो बस आलमबाग बस स्टेशन से यात्रियों को लेने के बाद चारबाग स्टेशन आती है। इसके बाद यही से ही कहीं जाने के लिए रवाना होती है। इसी तरह कौशांबी डिपो की बसें भी आलमबाग से होकर चारबाग से ही चल रही हैं। इसके साथ ही चारबाग बस स्टेशन से गोरखपुर, आजमगढ़, गोंडा, बहराइच, बलरामपुर आदि रूट की करीब 70 फीसदी बसों का संचालन हो रहा है। वहीं, आलमबाग बस स्टेशन से फतेहपुर, रायबरेली, प्रतापगढ़, इलाहाबाद और कानपुर रूट की 30 फीसदी बसों का संचालन होता है। ऐसे में यात्रियों को पता ही नहीं चल पा रहा है कि उन्हें कौन से बस अड्डे पर जाना है।
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