लखनऊ. यूपी उपचुनाव में 11 में से आठ सीटें जीतने के बाद यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर इस चुनाव में बीजेपी ने बीएसपी से पर्दे के पीछे समझौता किया था, वहीं, दलितों ने सपा को खुलकर वोट किया। इससे बीएसपी की साजिश बेनकाब हो गई है।
समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में 11 विधानसभा और एक लोकसभा सीट के वोटरों को धन्यवाद देते हुए शिवपाल यादव ने इसे विकास की जीत बताया। उन्होंने कहा कि इससे बीजेपी की पोल खुल गई है। जनता ने सांप्रदायिकता और लव जेहाद को नकार कर सामाजिक सद्भाव को तरजीह दी।
चार महीने में निराश हो गई जनता
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए शिवपाल यादव ने कहा कि केवल चार महीने में ही किसी सरकार के प्रति जनता की निराशा और आक्रोश की यह पहली राजनीतिक घटना है। केंद्र की सरकार महंगाई और भ्रष्टाचार दूर करने में नाकाम रही है। जो नेता महंगाई और भ्रष्टाचार पर रोक का वायदा कर सत्ता में आए थे, जनता ने उन्हें वायदा खिलाफी पर सबक सिखा दिया।
विखराव, अलगाव और ध्रुवीकरण नहीं चलेगा
शिवपाल यादव ने आगे कहा कि उपचुनाव में जनता ने अच्छे दिनों का सपना दिखाने वालों को बुरे दिन दिखाकर लोकतंत्र की ताकत बता दी। समाज में बिखराव, अलगाव और ध्रुवीकरण के बूते बीजेपी का चुनाव जीतने का मंसूबा मतदाताओं ने नकार दिया। शिवपाल ने कहा कि केंद्र में कमजोर सरकार है। उसकी विदेश नीति विफल है। चीन लगातार भारतीय भूमि पर कब्जा करता जा रहा है। उसका सशक्त विरोध नहीं हो रहा है।
बीजेपी को अपनी हार कबूल कर लेनी चाहिए
यूपी में सत्ता होने का फायदा मिलने को लेकर शिवपाल ने कहा कि जब लोकसभा चुनाव था, उस समय भी सपा की सत्ता थी। ऐसे में यह आरोप बेबुनियाद है कि सपा को सत्ता होने का फायदा मिला। उन्होंने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेई पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी जनादेश पर उंगली उठा रही है। जनता ने बता दिया कि वह सपा के साथ है। बीजेपी को अपनी हार कबूल कर लेनी चाहिए।
यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव (तस्वीर में)