लखनऊ. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राजधानी लखनऊ में नया धरना स्थल खोजने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री का ऐसा मानना है कि इससे ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने में मदद मिलेगी। धरना स्थल विधान सभा के करीब नहीं होने से आए दिन हजरत गंज के पास जाम जैसी स्थिति बन जाती है। इसकी वजह है कि विरोध प्रदर्शन और धरना स्थल के रूप में लोग विधान सभा के आसपास का ही इलाका चुनते हैं।
धरना प्रदर्शन की वजह से स्कूली बच्चों और राहगीरों को हर दिन परेशानी हो रही है। इसकी वजह से पूरे शहर में जाम जैसी स्थिति बन जाती है। सीएम अखिलेश यादव ने कमिश्नर को आदेश दिया है कि जल्द से जल्द नए धरना स्थल की तलाश की जाए। कमिश्नर को एक सप्ताह में नए स्थल के बारे में बताना होगा।
ट्रैफिक व्यवस्था के लिए बनाई जाए नई कार्ययोजना
यही नहीं, सीएम ने आए दिन बदतर होती जा रही शहर की ट्रैफिक समस्या के लिए नई कार्ययोजना बनाने का भी निर्देश जारी किया है। दरअसल, सिर्फ हजरत गंज इलाका ही नहीं है, जहां जाम लगता हो, बल्कि ऐसे कई इलाके हैं, जहां कहीं न कहीं, जाम की वजह से आम आदमी परेशान होता रहता है। यही वजह है कि अब सीएम अखिलेश यादव को भी ट्रैफिक व्यवस्था के लिए नई कार्ययोजना बनाने के लिए निर्देश देने पड़े। लखनऊ नगर के लिए एक हफ्ते में टैफिक प्लान तैयार करने के को लेकर कमिश्नर को सीएम ने कहा है। इस कार्य योजना में चौड़ीकरण के योग्य सड़कों, ट्रैफिक डायवर्जन और एकल दिशा मार्गों के संबंध में खास ध्यान दिया जाए।
पहले से ही बना है धरना स्थल
मायावती ने मुख्यमंत्री रहते हुए विधानसभा के सामने से धरना स्थल हटाकर लक्ष्मण मेला ग्राउंड में कर दिया था। उस समय ग्राउंड को कवर करने के लिए लोहे की जालियां तक लगवाईं गई थीं। यह धरना स्थल अभी भी है। यहां अभी भी कई संगठन धरना प्रदर्शन करते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि एक बार फिर औपचारिक रूप से इसी धरना स्थल को मंजूरी मिल सकती है।
फाइल फोटोः यूपी मख्यमंत्री, अखिलेश यादव।