पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Chief Secretary BHEL To Accelerate Uttar Pradesh Thermal Power Projects

यूपी में अब भेल की मदद से पावर प्रोजेक्ट्स को मिलेगी तेजी

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
तस्वीर में: बैठक में मुख्य सचिव आलोक रंजन और अन्य अधिकारी।
लखनऊ. साल के आखिर तक यूपी की खुद की बिजली उत्पादन क्षमता 220 मेगावाट बढ़ जाएगी। यही नहीं मई 2015 तक उत्पादन क्षमता 2500 मेगावाट और बढ़ जाएगी। यदि सबकुछ ठीक रहा तो बिजली की समस्या अगले साल मार्च तक आधी हो सकती है। भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) ने अपना काम समय से पूरा कर दिया तो 2500 से 3000 मेगावाट के बीच अटकी रहने वाली सूबे की बिजली उत्पादन क्षमता भी बढ़कर पांच हजार का आंकड़ा आर कर जाएगी। इससे प्रदेश को केंद्र और निजी बिजली उत्पादन इकाइयों पर निर्भरता कम हो जाएगी।
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने मंगलवार को भेल द्वारा स्थापित की जा रही नई उत्पादन इकाइयों और जीर्णोद्धार के लिए बंद पुरानी इकाइयों के काम की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान भेल के अधिकारियों ने इस साल के अंत तक प्रदेश की उत्पादन क्षमता बढ़ जाने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने विश्वास दिलाया कि वह हर हाल में समय पर काम पूरा कर लेंगे। बैठक में प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल, अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक विद्युत उत्पादन निगम कामरान रिजवी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
इन मुद्दों पर हुई चर्चा
भेल के सीएमडी बीपी राव ने बताया कि ओबरा की सौ मेगावाट की इकाई नंबर सात और हरदुआगंज परियोजना की 120 मेगावाट की ईकाई नंबर सात का जीर्णोद्धार का काम लगभग पूरा हो चुका है। नवंबर 2014 तक दोनों इकाइयों से उत्पादन शुरू हो जाएगा। इसके अलावा अनपरा डी 2 की 500 मेगावाट परियोजना की पहली ईकाई 31 मार्च 2015 तक तथा दूसरी ईकाई को दो माह के अंतराल पर फुल लोड आपरेशन पर लाने की कोशिश की जा रही है। भेल सीएमडी ने बताया कि 200 मेगावाट ओबरा की ईकाई संख्या 10 और 11 को भी मई 2015 एवं अगस्त 2015 तक उत्पादन के लिए तैयार कर दिया जाएगा।
आगे पढ़िए प्रयाग नगरी में चल रहे जेपी प्लांट के काम में देरी पर दी सफाई...