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लखनऊ. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सालाना 25 लाख रुपए से कम कारोबार करने वाले व्यापारियों को टैक्स निधार्रण प्रणाली में राहत दी है। इसी तरह 40 फीसदी टैक्स प्रणाली में बदलाव करते हुए राज्य के बाहर से माल लाने वाले कारोबारियों को अब 0.5 फीसदी दर वाले सामानों पर 15 फीसदी और 12.5 फीसदी अतिरिक्त टैक्स की वस्तुओं पर टैक्स का दो गुना जुर्माने का भुगतान करना होगा।
बताते चलें कि राज्य सरकार ने अब फार्म-26 की समस्त जटिलताएं समाप्त कर दी हैं। अब फार्म-52 पर सालाना कारोबार का विवरण देना होगा और फार्म-52 के साथ तमाम दस्तावेज नहीं जोड़ने पड़ेंगे। वहीं, व्यापारियों को फार्म-38 के लिए 50 रुपए का शुल्क देना पड़ता था, जिसे घटा कर पांच रुपए कर दिया गया है।
ऑनलाइन पंजीकरण का प्रबंध
पंजीकृत फर्म के मालिक की मृत्यु के बाद उसके उत्तराधिकारी उस व्यापार को पुराने टिन नंबर पर चला सकेंगे। उन्हें स्टॉक पर आइटीसी का लाभ भी अपने आप ही मिले। इसके लिए संबंधित अधिनियम में संशोधन किया गया है। व्यापारियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और संशोधन का प्रबंध किया गया है।
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