लखनऊ. भले ही सपा प्रमुख
मुलायम सिंह यादव अग्रेंजी से परहेज करते हों, लेकिन यूपी के सीएम और उनके बेटे अखिलेश यादव की सोच बिल्कुल इसके उलट है। सीएम अखिलेश यादव विदेशों के मॉडल के सहारे समाजवाद के सपने को साकार करने में लगे हैं। इसका प्रमाण इस बात से लग जाता है कि यूपी में लांच होने वाले ज्यादातर प्रोजेक्टों में जो चीजे प्रस्तावित हैं, वो विदेश के मॉडल की ही नकल है।
फिर चाहे वो गोमती नदी को अमेरिका की टेम्स नदी की तरह बनाने की बात हो या फिर जनेश्वर मिश्र पार्क में आई लंदन झूले की तर्ज पर लगाया जाना। इतना ही नहीं नीदरलैंड की तर्ज पर राजधानी में और दूसरी जगहों पर साइकिल ट्रैक भी बनाया जा रहा है। इसकी उपयोगिता को समझने के लिए खुद सीएम अखिलेश यादव नीदरलैंड गए थे। उन्होंने वहां की सड़कों को देख यूपी में भी वैसे ही साइकिल ट्रेक बनाने की योजना बनाई थी।
पिछले दिनों मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा था कि गोमती नदी को अमेरिका की टेम्स नदी की तरह बनाया जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि इससे न सिर्फ गोमती नदी साफ सुथरी होगी बल्कि इसकी देखभाल भी टेम्स नदी के तर्ज पर किया जाएगा। अब देखने वाली बात ये है कि क्या राजधानी में भी टेम्स नदी की तरह जलमार्ग बनाया जा सकेगा। राजधानी में सफाई अभियान के तहत महीने में दो दिन तय हुआ है कि गोमती की नदी की सफाई के लिए अभियान चलाया जाएगा।
आपको बता दें, टेम्स नदी के किनारे लंदन शहर बसा है। कभी ये सबसे व्यस्तम जलमार्ग हुआ करता था। लंदन की आबादी बढ़ने पर टेम्स नदी में प्रदूषण बढ गया था। इसकी कई बार सफाई की गई, लेकिन कोई खास फायदा नहीं हुआ। बाद में साल 2000 में टेम्स रिवर क्लीन अप अभियान चलाया गया। इसके तहत साल में तय एक दिन जहां-जहां से टेम्स नदी गुजरती है। वहां पर लोग एकत्रित होकर नदी की सफाई करते थे। पिछले 13 सालों से ये अभियान जारी है।
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