तस्वीर में:कार्यक्रम में छात्रों को साइबर क्राइम की जानकारी देते प्रो. वीसी केके ओहरी।
लखनऊ. सामान्य सुरक्षा उपायों को अपनाने के बाद भी साइबर अपराधी आसानी से हमारे कंप्यूटर द्वारा लॉग-इन आईडी और पासवर्ड की जानकारी चुरा सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि ई-मेल, सोशल मीडिया आदि से लाग-आउट करने के बाद सिस्टम को पूरी तरह शट-डाउन कर दें। यह कहना है साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ लक्ष्य मेहरोत्रा का।
दरअसल, एमिटी इनोवेशन इनक्यूबेटर नोएडा द्वारा लखनऊ परिसर में सेंटर फॉर साइबर फोरेंसिक एंड इनफॉरमेंशन सिक्योरिटी (सीसीएफआईएस) की वेबसाइट और सीसीएफआईएस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की लांचिग की गई। इस मौके पर साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ लक्ष्य मेहरोत्रा ने छात्रों को साइबर क्राइम से निपटने जानकारी दी।
लक्ष्य मेहरोत्रा ने बताया कि लॉग-इन से संबंधित सूचनाएं रैम में दर्ज हो जाती हैं और शट-डाउन होने के बाद ही यह जानकारियां रैम से हटती हैं। कार्यक्रम के दौरान साइबर एक्सपर्ट हरप्रीत सिंह दर्दी ने कहा कि अपने स्मार्ट फोंस को रिपेयरिंग के लिए हमेशा ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर पर ही ले जाएं। लोकल मकैनिक आपके फोन से डेटा को चोरी कर सकता है।
जागरुकता की जरूरत
इस बीच विशेषज्ञों ने एंड्रायड फोन की पैटर्न लॉक सुरक्षा तकनीकी को महज पांच सेकेंड में धराशायी कर दिया। एमिटी यूनिवर्सिटी लखनऊ परिसर के प्रो. वीसी केके ओहरी ने कहा कि आधुनिक समय में सभी इंटरनेट यूजर्स को साइबर सिक्योरिटी से जागरुक होने की जरूरत है।
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