तस्वीर में: भूपति भवन का घेराव करते ग्रामीणों पर आंसू गैस के गोले दागते पुलिसवाले।
लखनऊ. अमेठी में 'भूपति भवन' के वारिस और कांग्रेस सांसद संजय सिंह और उनकी पहली पत्नी गरिमा सिंह के बेटे के बीच संपत्ति का विवाद रविवार को खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। संजय सिंह और उनकी पत्नी अमिता रविवार को लखनऊ से अमेठी के लिए रवाना हुए, लेकिन इसका विरोध करते हुए कुछ ग्रामीणों ने भूपति भवन को घेर लिया। पुलिस वालों ने उग्र ग्रामीणों को रोकने के लिए हवाई फायरिंग की तो उन्होंने भी जवाब में फायरिंग और पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान विजय मिश्रा नाम के एक पुलिसकर्मी को गोली लग गई, जिसकी अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। इस संघर्ष में कई ग्रामीण भी बुरी तरह से घायल हो गए। इसके बाद मौके पर कई थानों की पुलिस के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात कर दिया गया। पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लिया। लाठीचार्ज में एक टीवी चैनल का पत्रकार भी गंभीर रूप से घायल हो गया।
मामले में 18 गिरफ्तार
अमेठी के जिलाधिकारी जगतराज त्रिपाठी ने कहा कि इस मामले में 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मीडियाकर्मियों पर हुए लाठीचार्ज पर उन्होंने कहा कि पुलिस उन्हें पहचान नहीं पाई। उधर, सीएम अखिलेश यादव ने मृतक सिपाही के घरवालों के लिए 20 लाख रुपए मुआवजे का एलान किया है।
क्या है मामला
'भूपति भवन' पर मालिकाना हक को लेकर राजनेता संजय सिंह और उनकी पहली पत्नी गरिमा के बेटे अनंत विक्रम सिंह आमने-सामने हैं। कई साल के विवाद के बाद बीती 25 जुलाई को गरिमा सिंह अपने परिवार के साथ यहां लौटी थीं। उन्होंने परिवार के रजिस्टर में अपना और अपने बच्चों का नाम दर्ज कराने के लिए प्रशासन को अर्जी दी थी। इस पर संजय सिंह ने आपत्ति भी दर्ज कराई थी। ऐसे में, अब यह मामला ग्राम पंचायत में पहुंच गया है। बीते शुक्रवार को होने वाली पंचायत टाल दी गई थी। सोमवार को संजय और उनकी दूसरी पत्नी अमिता सिंह को कोर्ट में पेश होना था। इससे पहले अनंत विक्रम सिंह के समर्थन में ग्रामीणों ने अमिता को भूपति भवन में प्रवेश न देने के प्रयास में भवन को घेर लिया।
रानी गरिमा सिंह के बेटे अनंत विक्रम सिंह का कहना है कि उनके पिता संजय सिंह इसके खिलाफ हैं। वह नहीं चाहते कि परिवार के रजिस्टर में उनकी मां गरिमा सिंह का नाम दर्ज हो। उन्होंने परिवार के रजिस्टर से गरिमा सिंह का नाम हटा कर अमिता सिंह का नाम दर्ज करा दिया था। इसमें अपना नाम वापस दर्ज कराने के लिए उनकी मां ने प्रशासन को अर्जी दी थी।
आगे पढ़िए, अनंत ने कहा- पूरे परिवार को है जान का खतरा...