तस्वीर में: ट्रॉमा सेंटर में गंभीर रूप से घायल मरीज बेड पर लेटा हुआ।
लखनऊ. शनिवार को पटाखा फैक्ट्री में विस्टोफ से छह लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनभर से ज्यादा लोग घायल हो गए। ऐसे में गंभीर रूप से घायल हुए 11 मरीजों को शनिवार की देर शाम सिविल अस्पताल से ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। आनन-फानन में यहां बने डिजास्टर वार्ड को बर्न वार्ड में तब्दील कर मरीजों को भर्ती किया गया, जहां पर उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों का कहना है कि आठ मरीज गंभीर रूप से जले हुए हैं। वे 90 से 100 फीसदी जल गए हैं, इनमें से तीन मरीज वेंटिलेटर पर हैं, जिनके बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है।
बताते चलें कि मोहनलालगंज में पटाखा गोदाम में हुए विस्फोट के बाद गंभीर रूप से जले हुए 15 लोगों को यहां के सीएचसी से राजधानी के सिविल अस्पताल भेज दिया गया था। सिविल अस्पताल की बर्न यूनिट में तीन सामान्य रूप से घायल हुए मरीजों को तो भर्ती कर लिया गया, लेकिन एक बच्ची सहित 11 गंभीर रोगियों को ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। यहां भारी भीड़ के साथ जैसे ही 11 मरीज इमरजेंसी में पहुंचे, वहां अफरा-तफरी मच गई।
आठ मरीज 90 से 100 फीसदी घायल
ट्रॉमा सेंटर से जैसे ही यह सूचना केजीएमयू परिसर में पहुंची तो वहां सर्जरी, मेडिसिन और प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉक्टर इलाज को लेकर पूरी टीम के साथ ट्रॉमा पहुंच गए। घायलों के इलाज में जुटे प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉ. ब्रिजेश भट्टाचार्या ने बताया कि घायल हुए 11 लोगों में आठ ही हालत काफी गंभीर है। इनमें से तीन मरीजों को वेंटिलेटर पर रखा गया है। उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से घायल लोग लगभग 90 से 100 फीसदी जले हुए हैं, जिन्हें बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इन घायलों का ट्रॉमा और सिविल में चल रहा इलाज
ट्रॉमा सेंटर में जिन लोगों का इलाज चल रहा है उनमें नगमा (18), लक्ष्मी (35), यास्मीन (22), विक्रम (45), राधेश्याम (45), गुडडु (35), जहीर (25), छोटेलाल (35), दिलीप गुप्ता (28), अरमान (7) और खलील (40), शामिल हैं। वहीं दूसरी तरफ सिविल अस्पताल में जलील (45), अब्दुल हक (46) और मो. जहूर (44), शामिल हैं।
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