लखनऊ. मोहनलालगंज के सिसेंडी गांव में हुए पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के बाद जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। बुधवार को जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने चौक क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने 15 पटाखा दुकान मालिकों को नोटिस जारी किया।
एसएसपी प्रवीण कुमार ने बताया कि बुधवार को दोपहर 12 से 3 बजे तक चौक और वजीरगंज इलाके में स्थित पटाखा की दुकानों पर चेकिंग अभियान चलाया गया था। इसमें क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट, सीओ चौक, एसएचओ चौक, वजीरगंज थाना प्रभारी समेत तमाम पुलिस बल मौजूद था। इस दौरान करीब 15 दुकानों में नियमों की अनदेखी सामने आई थी। इसके अलावा जांच टीम ने करीब 15 पटाखा दुकान मालिकों को नोटिस दिया है। प्रशासनिक अधिकारी ने नोटिस के जरिए दुकान में रखे माल का ब्यौरा मांगा है और सुरक्षा व्यवस्था के मानकों की जानकारी लिखित रूप से देने का निर्देश दिया है।
बताते चलें कि बीते दिनों मोहनलालगंज में सिसेंडी गांव में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में एक दर्जन लोगों की म़ृत्यू हो चुकी है। वहां नियम विरूद्ध पटाखा बनाने का काम चल रहा था। यही नहीं, वहां मानक से ज्यादा विस्फोटक भी रखा हुआ था।
पटाखा फैक्ट्री मालिक के भतीजे समेत महिला मजदूर की गई जान
मोहनलालगंज के सिसेंडी गांव में पिछले दिनों हुए पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में अब तक एक दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है। पटाखों में अबरी चिपकाने वाली महिला बृजरानी उर्फ मालती और फैक्ट्री मालिक खलील का भतीजा 18 साल का शागिर भी गंभीर रूप से घायल हो गया था। दोनों का ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा था। इसमें शागिर की मौत इलाज के दौरान मंगलवार की रात करीब 12.30 बजे हो गई थी, जबकि बृजरानी की बुधवार तड़के तीन बजे सांसें थम गई थी। दोनों की मौत की खबर पाते ही गांव में एक बार फिर से सन्नाटा पसर गया। पोस्टमार्टम होने के बाद बुधवार शाम करीब 5 बजे दोनों का शव गांव पहुंचा था। शवों को देखने के लिए सैकड़ों ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया था। स्थानीय प्रधान और ग्रामीणों ने देर शाम दोनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया है।
प्रतीकात्मक तस्वीर