झांसी. घर की महिलाओं से छेड़छाड़ और दूसरे सदस्यों को बार-बार लाठी डंडों से पीटे जाने के बाद दहशत खाए एक दलित परिवार को गांव छोड़ना पड़ा। पिछले दो दिन से यह दलित परिवार घर से लगभग 50 किलोमीटर दूर झांसी में चैराहों या किसी सार्वजनिक जगह पर सड़क के किनारे डेरा डालकर रह रहा है। परिवार में पांच छोटे-छोटे बच्चे, दो महिलाएं और चार आदमी हैं। इस परिवार को यह डर है कि घर छोड़ने को विवश करने वाले दबंग उनकी हत्या न कर दें। हाल ही में जेल से छूटकर आए दबंगों पर पुलिस कोई कार्रवाई करने से कतरा रही है।
यह घटना झांसी जिले के सकरार इलाके की है। यहां सकरार के ग्राम खिसनी में पीडि़त प्रकाश बसोर का गांव के कुछ दबंगों से कुछ समय पहले विवाद हो गया था। इस मामले को लेकर पीडि़त ने पुलिस को भी सूचित किया। इसके बाद दबंगों ने उसके परिवार को राजीनामा के लिए प्रताडि़त करना शुरू कर दिया। राजीनामा से इंकार करने पर दो दिन पहले दबंग लाठी-डंडे लेकर पीडि़त के घर में घुस आए।
पीडि़त के अनुसार, दबंगों ने उसके दोनों बच्चों और पिता को पीटना शुरू कर दिया। इसके अलावा उन्होंने घर की महिलाओं से छेड़छाड़ भी की। इस दौरान पीडि़त परिवार घर छोड़का भाग निकले और गांव के ही सोनू सिंह के यहां छिप गए। दबंगों ने यहां आकर भी पूरे परिवार को पीटा और गांव छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया।
पुलिस ने नहीं की मदद
पीडि़त परिवार ने बताया कि, इस घटना के दौरान उसने कई बार सकरार थाना पुलिस को फोन पर सूचना दी। पुलिस ने हमेशा आने की बात कहकर टाल दी। इसके बाद 100 नंबर पर सूचना दी तो पुलिस ने थाने पर बुलाया। यहां मेडिकल कराने की बात कहकर पुलिस ने घंटों बिठाए रखा और बाद में छोड़ दिया। ऐसे में पुलिस की कोई मदद न मिलने से पूरा परिवार गांव छोड़ने के लिए विवश हो गया है। इस मामले में उच्चाधिकारियों से भी मदद की गुहार लगाई गई है।
फोटो: दो दिनों से झांसी के इलाइट सिनेमा के पास जीव बिता रहा पीडि़त परिवार।