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शहीदों के स्मारक पर दिखा भास्कर.कॉम की खबर का असर!

7 वर्ष पहले
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लखनऊ. लखनऊ विकास प्राधिकरण ने गोमती नदी के किनारे शहीद स्मारक पार्क बनवाया है। यहां 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर दैनिकभास्कर.कॉम का असर दिखा। दरअसल, हमने अपने पाठकों को पिछले साल 25 दिसम्बर 2013 को एक खबर दिखाई थी कि कैसे लोग पिकनिक मनाने की मस्ती में जूता या चप्पल पहने जाने-अनजाने में देश के शहीदों का अपमान कर बैठते हैं।
इस खबर के बाद 26 जनवरी 2014 गणतंत्र दिवस के दिन इस शहीद पार्क का नजारा बिल्कुल बदला हुआ था। लोग इस पार्क में कई परिवार घूमते और पिकनिक मनाते दिखे। कई परिवार और बच्चे शहीदों के स्तूप के चबूतरे पर भी दिखाई दिए, लेकिन किसी के पैर में जूते या चप्पल नहीं थे। जो उस स्तूप के चबूतरे पर चढ़ रहा था, वह नीचे सीढ़ी के पास अपने जूते चप्पल उतार कर जा रहा था।
वहां स्मारक की देखभाल के लिए एक गार्ड भी खड़ा किया गया, जो 25 दिसम्बर नहीं था। भास्कर.कॉम ने जब उस गार्ड से वहां चौकसी को लेकर सवाल पूछा तो उसका कहना था कि ऊपर से सख्त आदेश हैं कि कोई भी इस चबूतरे पर जुते चप्पल पहन कर ना जाने पाए।
आपको बताते चलें कि लखनऊ में बना शहीदों का ये स्मारक सन् 1857 की जंग में शहीद हुए योद्धाओं की याद में बनाया गया था। इस पार्क में उन्ही शहीदों की याद में एक स्तूप भी बनवाया गया है।
इस स्तूप की पहली सीढ़ी पर साफ़-साफ़ लिखा है 'कृपया जूते उतार कर जाइए' लेकिन पिकनिक मनाने वाले मस्ती में चूर लोगों को ना तो ये लिखा हुआ दिखाई पड़ा और ना ही इन लिखे हुए अक्षरों से कोई मतलब था। बच्चे तो बच्चे बड़ों का भी यही हाल था।
इतना ही नहीं पत्नी और बच्चों के साथ मस्ती करते एक परिवार तो जूते पहने इस स्तूप के पास पहुंच कर वहीं नाश्ता करने लगा था। एक जोड़ा तो शहीदों की शहादत को अपनी पत्नी और बच्चे के साथ जूतों तले रौंदते हुए, शान से अपने बच्चे का ऊंगली पकड़ कर मोबाइल पर बात करते चबूतरे पर टहल रहा था।
उस खबर का 26 जनवरी को असर दिखा औऱ अब वहां कोई जूते पहने नही जाता है। दरअसल, दैनिक भास्कर.कॉम का मकसद तब भी और आज भी इस खबर को दिखाने का यही है कि हमें ये हमेशा ध्यान रखना होगा कि जिन शहीदों की शहादत को हम इतने जोश के साथ याद करते हैं। गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस को एक पर्व के रूप में मनाते हैं, तो सिर्फ यही दो दिन ही नहीं बल्कि हर दिन हमें अपने शहीदों का सम्मान करना चाहिए।
आगे तस्वीरों में देखें दैनिक भास्कर.कॉम की खबर से पहले कैसे जूते चप्पल पहने लोग पिकनिक मनाते घूम रहे थे...